July 29, 2021

2026 की विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप भारत में होगी

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2026 में खेले जाने वाली बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी भारत में होगी. इसकी घोषणा विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने किया. भारत को 2023 में सुदीरमन कप का आयोजन करना था, लेकिन बीडब्ल्यूएफ ने इस विश्व मिश्रित टीम चैंपियनशिप की मेजबानी चीन को देने का फैसला किया है.

बीडब्ल्यूएफ ने एक बयान में कहा कि, शुजोऊ में 2023 में बीडब्ल्यूएफ विश्व मिश्रित टीम चैंपियनशिप का आयोजन होगा जिसकी मेजबानी का जिम्मा पहले भारत को मिला था. भारत ने 2026 में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी को स्वीकार किया है.

ये दूसरा अवसर होगा जब भारत में विश्व चैंपियनशिप होगी, इससे पहले 2009 में हैदराबाद में ये प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हुआ था. भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के अध्यक्ष हिमांता बिस्वा सरमा के मुताबिक, विश्व चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट का आयोजन करना भारतीय बैडमिंटन संघ के साथ देश के लिये भी बड़ी उपलब्धि है.

2009 के बाद भारत ने 2014 थॉमस और उबेर कप फाइनल, एशियाई चैंपियनशिप के अलावा वार्षिक बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 इवेंट, योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन समेत विभिन्न प्रमुख बैडमिंटन टूर्नामेंटों का आयोजन हुआ है. हाल ही में 2021-24 के लिए बीडब्ल्यूएफ परिषद के सदस्य चुने गए सरमा ने आगे बोला कि, हम बैडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख टूर्नामेंट का आयोजन भारत को सौंपने के लिए बीडब्ल्यूएफ के आभारी हैं.

भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के महासचिव अजय के. सिंघानिया ने बोला कि, टूर्नामेंटों के लगातार रद्द होने और कोरोना की वजह से इनके लिए विश्व स्तर पर मंच पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से बीडब्ल्यूएफ एक वैकल्पिक प्रस्ताव के साथ हमारे पास आया था. बीडब्ल्यूएफ ने चीन में कोरोना के हालत को देखते हुए इस साल के सुदीरमन कप को चीन के शुजोऊ की जगह फिनलैंड के वांता को आयोजन देने का फैसला किया.

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विश्व चैंपियनशिप में अभी तक भारत ने 10 पदक जीते है. इसमें ओलंपिक की तैयारियों में लगी पीवी सिंधु महिला एकल की विश्व विजेता है. सिंधु ने इस टूर्नामेंट में दो रजत और दो कांस्य पदक भी जीते हैं. बी साई प्रणीत ने दो साल पहले स्विट्जरलैंड के बासेल में पुरुष एकल में विश्व चैंपियनशिप का पदक जीतकर 36 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया था.

साइना नेहवाल ने 2015 और 2017 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता था, अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गुट्टा ने 2011 में लंदन में महिला युगल में कांस्य पदक जीता था.


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