July 29, 2021

यूपी की नौ जेलों से 21 कैदियों ने पैरोल पर मिली रिहाई से किया इंकार

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लखनऊ। जेल का नाम आते ही अपराधी और उसके परिजन कैद की चहारदीवारी से बचाने के लिए प्रयास करते नजर आते हैं मगर जब कैद में रहने वाले कैदी को रिहाई मिल रही हो और वो जाने से इंकार करें तो हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाता है।

दरअसल कोरोना के कहर को एक साल से अधिक समय हो गया। महामारी से लोग अब भी भयभीत हैं मगर जेल के चहारदीवारी में रहने वाले कैदियों को बचाने के लिए जेल प्रशासन ने हर कोशिश को अंजाम दिया है। यही वजह है कि यूपी की नौ जेलों से 21 कैदियों ने पैरोल पर मिली रिहाई से इंकार कर दिया है। ये कैदी खुद को जेल की चहारदीवारी में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

महामारी के दौर में कैदी खुद को जेल में मान रहे सुरक्षित

जानकारी के अनुसार इस बार जब शासन ने पैरोल पर भेजाने का आदेश मिला तो सजायाफ्ता कैदियों ने ये कहते हुए जेलरों को पत्र लिख कर जेल के बाहर जाने से मना कर दिया कि लॉकडाउन के कारण उन्हें बाहर कोई काम नहीं मिलेगा और जेल के बाहर उन लोगों को कोरोना का डर भी बना रहेगा।

महाराजगंज जिला जेल के कैदी कमलेश के अनुसार पहले मजदूरी करता था लेकिन इस लॉकडाउन में उसे जेल के बाहर मजदूरी नहीं मिलेगी, इसलिए वह जेल के बाहर नहीं जायेगा। जब सजा खत्म हो जायेगी तभी जायेगा।

वहीं दूसरे कैदी ने जेलर को बताया कि पिछले लॉकडाउन में वह पैरोल पर जेल से बाहर गया था लेकिन उसे कोई काम नहीं मिला इसलिए इस बार वह पैरोल मिलने पर भी बाहर नहीं जायेगा क्योंकि जो जेल में सुविधा है वह बाहर नहीं मिलेगा।

जिला कारागार महाराजगंज के जेलर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि जेलों में कोरोना का संक्रमण न फैले इसको लेकर शासन ने पैरोल और अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया था। वही  पैरोल पाने वाले महराजगंज जिला जेल के दो कैदियो ने चिट्ठी लिखकर जेल से बाहर नहीं जाने को कहा।

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उन्होंने बताया कि पिछले लॉकडाउन में भी दोनों पैरोल पर बाहर गये थे लेकिन कोई काम नहीं मिला था  जिसके कारण इस बार दोनों ने मना कर दिया। जेल में कोरोना के कारण काढ़ा समेत पौष्टिक भोजन भी दिया जा रहा है इसलिए यह भी कारण हो सकता है कि कैदी बाहर न जाना पसंद कर रहे हों।

डीजी जेल आनन्द कुमार ने बताया कि जेलों में कोरोना से लडऩे में कैदियों का भी बढ़ा योगदान रहा है। जेल प्रशासन ने भी ठोस कदम उठाते हुए कोरोना महामारी को जेल के चहारदिवारी से बाहर रखने का काम किया है। जेलों में न सिर्फ कोरोना कवच तैयार किये गये बल्कि कैदियों ने अपने-अपने हुनर दिखाकर मास्क, सेनीटाइजर, फेस शील्ड, पीईपी किट सहित तमाम कामों को अंजाम दिया है।

शासन ने जेलों में कोविड संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए जेल से बंदियों को अंतरिम जमानत और सजायाफ्ता कैदियों को 60 दिनों की पैरोल पर छोड़ने को कहा था जिसके बाद डीजी जेल आनन्द कुमार के अनुसार 2152 जेल  बंदी हाई पावर कमेटी के निर्देश के अनुसार रिहा हुए है.


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