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Life : सहारा हास्पिटल में 26 सप्ताह के प्रीमेच्योर नवजात को मिला नया जीवन

Untitled-1 copy (1)लखनऊ। एनएबीएच एवं एनएबीएल मान्यता प्राप्त सहारा हास्पिटल में जटिल बीमारी से पीड़ित जच्चा-बच्चा को बेहतर उपचार मिला। खासबात यह है कि नवजात प्रीमिच्योर था और उसका कोई भी अंग ठीक से काम नहीं कर रहा था। ढाई माह चले इलाज के बाद उसको नया जीवन मिला।  इलाहाबाद की 33 वर्षीय महिला को गर्भावस्था के दौरान कई जटिल समस्याएं हो गयीं। स्थानीय डाक्टरों ने किसी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराने की सलाह दी। ऐसी हालत में परिजनों ने महिला को सहारा हास्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डा. अंजलि सोमानी से परामर्श लिया। जांच में पता चला कि यूरीन में इंफेक्शन सहित कई समस्याएं थीं, इससे केस जटिल हो गया।
गर्भवती को दिक्कत होने पर करायी गयी डिलीवरी,  जच्चा-बच्चा को मिला बेहतर उपचार 
गर्भवती को इमरजेंसी में एडमिट करके सिजेरियन डिलीवरी करायी गयी। बच्चा प्रीमिच्योर था और उसका वजन लगभग 750 ग्राम था 26IMG-20190628-WA0016 सप्ताह के जन्मे शिशु की हालत काफी नाजुक थी। हास्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एम यू हसन ने नवजात को एनआईसीयू में भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया। बच्चे के कोई भी अंग ठीक से काम नहीं कर रहे थे। फेफड़े भी ठीक से विकसित नहीं हो पाए थे। ऐसे में उसको वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। बच्चे को लगभग एक महीने तक नसों द्वारा खाना(तरल पदार्थ )खिलाया गया था । नवजात के इलाज के दौरान बच्चे को कई गंभीर जटिलताएं व समस्याएं जैसे  ब्लड इन्फेक्शन होना ,ब्रेन हैमरेज आदि से गुजरना पड़ा जिसे  डाक्टर हसन ने बेहद कुशलतापूर्वक अपने अनुभव से नवजात को सफल इलाज़ दिया करीब ढाई माह तक चले नवजात के इलाज के बाद उसके सभी अंग पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गए  और उसको नवजीवन मिला ।
इसी माह में एक और प्री मैच्योर नवजात जो 25 हफ्ते का था और जन्म के समय लगभग 750 वजन का था उसका भी इसी तरह की गंभीर जटिलताओं के साथ जन्म हुआ और उसके भी कोई अंग ठीक से काम नहीं कर रहे थे ।ऐसे नवजात जो गंभीर जटिलताओं के साथ होते है उनमें  बचने की संभावना बहुत कम होती है एक्सपर्ट  बाल रोग विशेषज्ञ डा. एम यू हसन एवं उनकी अन्य डॉ  विशेषज्ञों की टीम  के सामूहिक रूप से  इलाज के बाद बच्चे को नया जीवन मिला।
सहारा इंडिया परिवार के सीनियर एडवाइजर अनिल विक्रम सिंह ने बताया कि सहाराश्री के विजन से लखनऊ में ऐसा  हास्पिटल उपलब्ध है, जो हर आयु हर वर्ग के लोगों को बेहतर अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रहा है । हास्पिटल की बेहतर सेवाओं का नतीजा है कि उक्त नवजात को सफल उपचार मिला।

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