July 23, 2021

यूपी के सभी विकासखंडों में जुलाई में खुलेंगे 5000 नए सब हेल्थ सेंटर

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

Share This News

लखनऊ। बेहतर कोविड प्रबंधन से कोरोना की दूसरी लहर पर जीत हासिल करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान करने में जुटी है. संभावित कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को त्वरित और गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिये उसने बड़ी घोषणा की है.

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये यूपी सरकार की बड़ी पहल

18 मण्डल, 75 जिलों के बाद अब वो 822 छोटे-बड़े विकासखंडों में जुलाई माह में 5000 नए सब हेल्थ सेंटर खोलने जा रही है. विकासखंडों तक प्रत्येक व्यक्ति को चिकित्सीय सुविधाओं को दिलाने के लिये यूपी सरकार बड़ी पहल कर रही है। प्रदेश में जिन क्षेत्रों में सीएचसी और पीएचसी नहीं हैं वहां सब हेल्थ सेंटरों की स्थापना की जा रही हैं.

अभी 20812 सब हेल्थ सेंटर  संचालित, इनकी संख्या 32000 तक पहुंचाने का लक्ष्य

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया
प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

इन सब हेल्थ सेंटरों में बीमार लोगों को तत्काल इलाज मिलेगा, गंभीर रोगियों की जांच की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। वर्तमान में प्रदेश में 20812 सब हेल्थ सेंटर पहले से यूपी में संचालित हैं. जुलाई माह में 5000 नए सब हेल्थ सेंटर स्थापित कराए जाएंगे. राज्य सरकार ने प्रदेश में इनकी संख्या 32000 तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है.

ये भी पढ़े : नगर पालिका में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नगर विकास विभाग की एसओपी जारी

5000 नए सब हेल्थ सेंटर मिलने के बाद यूपी में इनकी संख्या 25812 हो जाएगी. इन नए सब हेल्थ सेंटर खुलने के विस्तार से लोगों को और अधिक बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिलना पहले से और भी सरल हो सकेगा.

सीएचसी और पीएचसी में लगातार व्यवस्थाएं हो रहीं दुरुस्त

प्रदेश के सभी जनपदों में लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिये सीएचसी और पीएचसी में व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश जारी किये गये हैं।

3022 पीएचसी, 855 सीएचसी और 592 शहरी पीएचसी में अत्धयाधुनिक चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है। यहां उपकरणों की मरम्मत, क्रियाशीलता, परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और मैन पावर की पर्याप्त उपलब्धता की विशेष कार्यवाही और तेज कर दी गई है। इसकी सतत मॉनीटरिंग के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।


Share This News