July 28, 2021

अल्फा और डेल्टा वेरिएंट्स के खिलाफ भी कोवैक्सीन : एनआईएच अमेरिका

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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नई दिल्ली : भले ही यूरोपीय यूनियन ने अपने एक फैसले में सिर्फ यूरोप में बनी  वैक्सीन को मान्यता दी है लेकिन कोरोना के बदलते रूप के चलते वैक्सीन की क्षमता पर प्रश्न किया जा रहा है.

इस बीच भारतीय फार्मा कंपनी ‘भारत बायोटेक’  कि कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के बारे में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) ने शोध में पता लगाया है कि कोवैक्सीन से शरीर में बनी एंटीबॉडीज कोरोना वायरस के अल्फा और डेल्टा वेरिएंट्स के खिलाफ भी कारगर है.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
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एनआईएच के अनुसार भारतीय वैक्सीन कोवैक्सीन लेने वाले लोगों के ब्लड सीरम की स्टडी से पता चला है कि वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज  ब्रिटेन और भारत में सबसे पहले मिले कोरोना के अल्फा और डेल्टा वेरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी है.

इससे पहले अमेरिका के इंफेक्शन डिजीज एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फाउची ने भी इसी साल बोला था कि भारत में बनी कोवैक्सीन कोरोना के 617 वेरिएंट्स को खत्म करने में सक्षम है.  वैसे  कोवैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल डेटा के मुताबिक ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है.

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वैसे कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के रिजल्ट  अभी प्रकाशित नहीं हुए है लेकिन अंतरिम नतीजों के  मुताबिक ये वैक्सीन सिम्पटोमैटिक केस  में 78 फीसदी प्रभावी  और एसिम्पटोमैटिक केस में 70 फीसदी प्रभावी है और कोरोना के गंभीर मामलों में भी असरदार है.  बताते चले कि कोवैक्सीन कोरोना वायरस के डेड  सेल से बनी है जिससे शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाती है.


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