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डेजर्ट स्टार्म रैली : टीम आर्मी ने दिखाया दम, जीते दो टीम खिताब  

PIC 1जैसलमेर। भारतीय थल सेना के बहादुर चालकों ने 2019 डेजर्ट स्टार्म रैली में तीन कटेगरी में हिस्सा लिया और अपनी छाप छोड़ते हुए दो में खिताब अपने नाम किए. द टीम आर्मी एडवेंचर विंग के लेफ़्टिनेंट कर्नल अमन काटोच ने अपने सहचालक  कैप्टन सिद्धार्थ नांदल के साथ अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए एनड्योर कटेगरी में सेकेंड रनर्सअप ट्राफी जीती. यह जोड़ी जब पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ी तो इसका तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया. इस जोड़ी ने शनिवार को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सेना की वर्दी में यह पुरस्कार ग्रहण किया.
सेना की महिला प्रतिभागियों ने छोड़ी अपनी छाप
सबसे अनुभवी चालक लेफ्टिनेंट कर्नल शक्ति बजाज और उनके सहचालक आदित्य चंद ने एक्सट्रीम कटेगरी में 10वां स्थान हासिल किया. सेना की महिला प्रतिभागियों मेजर युथिका और नेवीगेटर तेजल पराश्रे (एक्स्ट्रीम कटेगरी), मनीषा गैंड और मेजर के. रेनुका (मोटो) ने चार दिनों तक चले देश के इस सबसे कठिन रैलियों में से एक में अपनी बहादुरी की छाप छोडी. टीम आर्मी ने निश्चित तौर पर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। 7 मई को रैली की शुरुआत के लिए दिल्ली पहुंचने के दौरान इन जाबांजों ने अपनी वर्दी और चमचमाती गाड़ियों से सबको प्रभावित किया. एक्सट्रीम कटेगरी में 10 टीमें उतरी थीं और तीन मोटो कटेगरी में उतरीं. इस तरह सेना की टीम ने डेजर्ट स्टार्म में इस साल का सबसे बड़ा दल उतारा.
PIC 2मेजर युथिका जो दो साल के बच्चे की मां भी हैं, ने कहा, -सेना हमें शक्ति, सक्रियता और इंटिग्रिटी देती है. हम यहां आफिशियल ड्यूटी पर हैं. यह आर्मी एडवेंचर विंग का शानदार प्रयास है कि उसने अपने सैनिकों को अपनी क्षमताओं की अंतिम परीक्षा लेने के लिए नए आयामों की खोज के लिए भेजा. युथिका ने आगे कहा, मैं रेलिंग में अपने बच्चे के जन्म के एक साल बाद लौटी हूं. अभी मुझ लौटे हुए 11 महीने ही हुए हैं. सेना का एक अधिकारी होने के नाते मैं यहां आकर एक चुनौती महसूस कर रही हूं और अपना श्रेष्ठ देने का प्रयास करती हूं.
शक्ति बजाज को रैलिंग मे एक दशक से अधिक समय हो गया औऱ वह एक सच्चे सैनिक का महान उदाहरण हैं. इसी तरह मेजर रेनुका (आर्मी सर्विस कार्पस) 18176 फीट की ऊंचाई पर स्थित काराकाेरम दर्रे को पार करने वाली सेना की पहली महिला बाइकर बनी थीं. रेनुका को इस बात का गर्व है कि वह सेना के लिए इस तरह के प्रयास में हिस्सा ले रही हैं। रेनुका ने कहा-हम गर्व महसूस करते हैं। एक महिला होने के नाते हम यह संदेश देना चाहते हैं कि कुछ भी असम्भव नहीं है। मैं हर एक महिला से यह कहना चाहूंगी कि आगे आओ और इस तरह की रैली में हिस्सा लो। सेना से होने के कारण हम हथियार डालना नहीं जानते। खेल के मैदान में भी हम इसी तरह मानसिकता लेकर उतरते हैं.

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