July 25, 2021

कोरोना वैक्सीन की दो डोज के अंतर के बारे में डॉ.फाउची ने बोली ये बात 

डॉक्टर एंथनी फाउची फाइल फोटो सोशल मीडिया

डॉक्टर एंथनी फाउची फाइल फोटो सोशल मीडिया

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कोरोना महामारी के खिलाफ विश्व के अधिकतर देशों में  वैक्सीनेशन चल रहा है. इस बीच कोरोना को हराने के लिए तेज  वैक्सीनेशन की बात चल रही है.  इस मामले में  अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राष्ट्रपति जो बाइडेन के शीर्ष सलाहकार डॉक्टर एंथनी फाउची ने भी अपनी राय दी है.

उन्होंने बोला कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज के बीच ज्यादा  फर्क रखने से  कोरोना के वैरिएंट से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में बोला कि फाइजर की एमआरएनए कोरोना वैक्सीन की दो डोज के बीच तीन  हफ्ते और और मॉडर्ना की एमआरएनए वैक्सीन की दो डोज के बीच में चार सप्ताह का अंतर होना चाहिए.

डॉक्टर एंथनी फाउची फाइल फोटो सोशल मीडिया
डॉक्टर एंथनी फाउची फाइल फोटो सोशल मीडिया

डॉ. फाउची ने बोला कि वैक्सीन की डोज के बीच के अंतराल को बढ़ाया जता हैं तो किसी कोरोना वायरस वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है. ये ट्रेंड यूके में भी दिखा जब वैक्सीन की डोज के बीच अंतर बढ़ने से नए वैरिएंट का खतरा भी ज्यादा हो गया. मेरी राय है कि आप तय टाइम पर ही वैक्सीन की डोज ले.

उन्होंने ये भी बोला कि वैक्सीन की सप्लाई कम होने पर वैक्सीन की डोज के बीच का अंतर बढ़ाया जा सकता है.डॉक्टर फाउची ने इसके साथ कोरोना वायरस ने नए वेरिएंट को नाकाम करने के लिए लोगों के जल्द से जल्द  वैक्सीनेशन की वकालत की. उन्होंने भारत में सबसे पहले मिले डेल्टा वेरिएंट के बारे में बोला कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है. उनमे डेल्टा वेरिएंट का संक्रमण फैलने पर तेजी से असर होता है.

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बताते चले कि पिछले माह केंद्र ने भारत में कोविशील्ड वैक्सीन (एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड)  की वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर बढ़ाकर 12 से 16 सप्ताह कर दिया गया था. इससे पहले दो डोज के बीच छह से आठ हफ्ते और उससे भी पहले चार से छह हफ्ते का  अंतर रहता था.

इस बारे में ये कह कर  सरकार की आलोचना हुई थी कि वैक्सीन की भारी कमी के चलते सरकार ने दो डोज के बीच का अंतर बढ़ाया है. दूसरी ओर नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर विनोद पॉल ने इस फैसले को विज्ञान पर आधारित कहा था. वैसे वहीं इससे पहले मार्च में मेडिकल जर्नल द लैंसट में छपे एक रिसर्च में भी पुष्टि की थी कि दो डोज के बीच 12 हफ्ते के अंतर से वैक्सीन का असर बढ़ता है.


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