July 24, 2021

ओलंपिक में ख़िलाड़ी हुए नाराज, एंटी सेक्स बेड के सहित ये भी है मामला

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टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत में चार दिन बचे है और इसके लिए खिलाड़ी भी पहुंच रहे है और कई सालों की मेहनत के बाद खिलाड़ी ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेल पाते है. कोरोना की वजह से इस बार ओलंपिक का आयोजन देर से हो रहा है.

कोरोना के मद्देनजर आयोजकों ने सख्त नियम बनाये है लेकिन अब आयोजन समिति ने खेल में खिलाड़ियों के बीच 1 लाख 60 हजार कंडोम बांटने का लक्ष्य रखा है. इसको लेकर विवाद देखने को तब मिला जब खिलाड़ियों ने आयोजकों के इस कदम पर नाराजगी जाहिर की.

खिलाड़ियों के अनुसार, कोरोना चल रहा है, सबको सोशल डिस्टेंसिंग अहम है और ऐसे में कंडोम क्यों बांटा जा रहा है. खिलाड़ियों के विरोध के बाद इस पूरे मामले में आयोजकों ने सफाई दी है. इसके बाद खेल गांव में एंटी सेक्स बेड को लेकर नया विवाद हो गया है. दरअसल खिलाड़ियों को जो बेड मिला है वो एंटी सेक्स बेड है.

दरअसल खेल गांव में एथलीट जिस बेड पर आराम करेंगे उस बेड  बोड को एंटी-सेक्स कहा जा रहा है. इस बेड को एंटी सेक्स बेड इसलिए कहते हैं क्योंकि इस पर एक ही इंसान एक बार में सो सकता है. इस पर सेक्स या रोमांस भी नहीं हो सकता है. एंटी सेक्स बेड कॉर्ड बोर्ड के बने होते हैं. इस पर केवल एक आदमी सो सकता है. अगर इस पर एक से अधिक आदमी सो तो वो फौरन टूट जायेगा.

दूसरे शब्दों में समझना है तो इस पर सेक्स करने के बारे में खिलाड़ी सोच नहीं सकते हैं. वही खिलाड़ी इस बेड से नाराज है और उनका कहना है कि ये बेड उनका खुद का भार भी सह नहीं पाएगा और बेड का साइज भी छोटा है. उन्हें अगर रात को नींद नहीं आएगी तो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायेगे.

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दूसरी ओर कुछ खिलाड़ियों ने यहां तक कहा कि अगर ऐसे बेड पर सुलाना है तो कंडोम क्यों बांटे हैं. गौरतलब है कि जहां भी ओलंपिक का आयोजन होता है वहां पर कंडोम दिया जाता है.

दरअसल, जिस देश में ओलंपिक होता है, वहां पर कंडोम मिलते है. ताकि एचआईवी का खतरा ना रहे. कंडोम के बांटने के चलते ओलंपिक विवादों में आ गया था. एक जर्मन एथलीट ने कहा है कि कई रात वो सेक्स के दौरान आने वाली आवाजों की वजह से सो नहीं पाती थी.


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