July 28, 2021

कोरोना के चलते टोक्यो व अन्य क्षेत्रों में 20 दिन के लिए बढ़ी इमरजेंसी

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टोक्यो ओलंपिक के आयोजन में अब कम समय बचा है लेकिन इस टूर्नामेंट की मेजबानी पर संदेह हो रहा हैं. जापान में आयोजन को लेकर विरोध तेज हो रहा है. इसमें आम जनता से लेकर डॉक्टर, बिजनेसमैन और यहां तक अखबार भी नाखुशी जाहिर कर चुके हैं.

जापान में कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप की वजह से जापान में कुछ जगह लागू इमरजेंसी बढ़ाई गयी है. जापान ने शुक्रवार को टोक्यो और अन्य क्षेत्रों में कोरोना के चलते लागू इमरजेंसी 20 और दिन बढ़ा दी है. यहाँ 50 दिन के अंदर ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी हो रही है जबकि अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है.

इमरजेंसी बढ़ाने के फैसले के बारे में जापान के पीएम योशिहिदे सुगा ने कहा कि ओसाका में मामलों की संख्या ज्यादा ही है और वहां चिकित्सीय प्रणाली पर अब भी अतिरिक्त भार है.

होकाइडो से फुकुओका तक नौ क्षेत्रों में आपात काल 20 दिन तक बढ़ाया है वही ओकिनावा में पहले ही 20 जून तक आपातकाल लागू रहेगा.

जापान की राजधानी और आठ अन्य शहरों में लागू आपात काल अगले सोमवार तक जारी था लेकिन कुछ क्षेत्रों में अस्पतालों में अब भी काफी कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलने के साथ हाल में गंभीर केस की संख्या भी काफी है.

ओलंपिक का आयोजन पिछले साल होना था लेकिन कोरोना के चलते एक साल तक के लिए स्थगित हो गया था. इस साल टोक्यो ओलंपिक का आयोजन 23 जुलाई से आठ अगस्त के बीच होना है.

श्रमिक परिवार से जुड़े खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई रणनीति

ओलंपिक आयोजकों को इस तारीख तक फैसला करना होगा कि वो किसी भी दर्शक को मंजूरी देंगे या नहीं क्योंकि विदेशी दर्शक महीनों पहले प्रतिबंधित हो चुके है.

जापान सरकार ओलंपिक की मेजबानी को लेकर प्रतिबद्ध है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी कहा कि खेलों का आयोजन की जानी है. भले ही मेजबान शहर टोक्यो में आपातकाल लगा हो.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जापान के एथलीटों के टीकाकरण की प्राथमिकता की योजना के भी तभी शुरू होने की उम्मीद है. नये वैरिएंट की चिंता है वही जापान में धीमे टीकाकरण अभियान से जनता, चिकित्सीय विशेषज्ञ और यहां तक कि एक प्रायोजक ने खेलों को रद्द करने की बात कही.

इस बारे में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है नया वैरिएंट अधिक लोगों को कोरोना की चपेट में आ रहा है और उन्हें गंभीर रूप से बीमार बना रहा है जिससे हॉस्पिटल में बुरा हाल है.

जापान में नौकरशाही और योजना में गलती और खामियों से जापान में केवल 2.3 फीसदी जनसंख्या का ही पूर्ण रूप से टीकाकरण किया गया है.

दूसरी तरफ उम्रदराज वयस्कों के टीकाकरण का मौजूदा चरण भी खेलों के शुरू होने से पहले खत्म नहीं होगा. गौरतलब है कि जापान में अभी तक 730,000 कोरोना के मामले सामने आये है और 12,700 लोग इससे अपनी जान गंवा चुके हैं.


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