July 29, 2021

फेसबुक और गूगल इंडिया को मानने ही होंगे नियम : संसदीय समिति

फाइल फोटो सोशल मीडिया

फाइल फोटो सोशल मीडिया

Share This News

नई दिल्ली : सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग के मसले पर फेसबुक और गूगल के अधिकारियो ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के सामने पक्ष रखा. इससे पहले समिति ने फेसबुक और गूगल के अधिकारियों को समन जारी किया था.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं.

समिति ने दोनों कंपनियों को नए आईटी नियमों और देश के कानून का पालन करने का निर्देश दिया है. समिति ने केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और कांग्रेस सांसद शशि थरूर का अकाउंट ब्लॉक करने के मामले में दो दिन में लिखित जवाब मांगने का निर्णय लिया है. जानकारी के अनुसार फेसबुक के भारत में लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल और जनरल काउन्सल नम्रता सिंह ने समिति के सामने पक्ष रखा.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
फाइल फोटो सोशल मीडिया

इससे पहले फेसबुक के प्रतिनिधियों ने संसदीय समिति को सूचित किया था कि कोविड प्रोटोकॉल के चलते उनके अधिकारियों को भौतिक रूप में बैठकों में जाने की मंजूरी नहीं है. इस पर समिति अध्यक्ष थरूर ने फेसबुक से कहा कि उसके अधिकारियों को बैठक में आना ही होगा. ये समिति आने वाले समय में यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया इकाइयों के प्रतिनिधियों को समन जारी करेगी.

समिति ने दो दिन में माँगा जवाब, क्यों ब्लॉक किया था रविशंकर और शशि थरूर का अकाउंट

दूसरी और इस समिति ने ट्विटर से इस बारे में पूछा है कि किस आधार पर केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और कांग्रेस सांसद शशि थरूर का ट्विटर अकाउंट ब्लॉक किया था.

ये भी पढ़े : यूपी सीएम योगी का एक माह में कू एप पर 10 लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

ये भी पढ़े : ट्विटर ने पहले दिखाया भारत का गलत नक्शा, फिर हटाया 

शशि थरूर ने बोला कि हम ट्विटर इंडिया से रविशंकर प्रसाद और मेरा अकाउंट ब्लॉक करने और भारत में संचालन के नियमों और प्रक्रिया पर सफाई मांगेंगे.  इससे पहले  पहले ट्विटर के अधिकारियों ने समिति के सामने अपना पक्ष रखा था.  पिछली बैठक में समिति के कई सदस्यों ने ट्विटर से स्पष्ट बोला था कि देश का कानून सर्वोच्च है.


Share This News