July 28, 2021

आत्मनिर्भर भारत योजना से किसानों के आम सीधे बाग से खरीददारों तक

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आत्मनिर्भर भारत के तहत अवध आम उत्पादक एवम बागवानी समिति से जुड़े बागवान केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के फार्मर फर्स्ट परियोजना तथा उद्यान एवम खाद्य प्रसंस्करण उत्तर प्रदेश के सहयोग से उद्यान भवन के परिसर में  पूर्ण रूप से कार्बाइड  मुक्त विसंक्रमित मलिहाबादी दशहरी का स्टॉल लगाया गया. इसका उद्धघाटन निदेशक डॉ आर के तोमर  के कर कमलों द्वारा हुआ.

कार्यक्रम में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र कुमार सिंह, फार्मर फर्स्ट के वरिष्ठ शोध अध्येता रोहित जायसवाल, एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन के डॉ शरद वर्मा एवम सौरभ सिंह भी थे .  इस स्टाल के लगाने से लोगो में भारी उत्साह दिखा. कें.उ.बा.सं के फार्मर फर्स्ट परियोजना द्वारा निर्मित आकर्षक बॉक्स में पैक किया  मलिलीहाबादी दशहरी का स्वाद लेने के लिए लोगो ने जम के खरीदारी की.

आमतौर पर मलिहाबाद के किसानों को मंडी में आम बेचने के लिए मजबूर हो जाना पड़ता है. मंडी में उचित दाम ना मिलने के कारण वे अपने आप को असहाय पाते हैं. कुछ किसानों ने अपना नाम मंडी में भेजने के बजाय लखनऊ के खरीदारों को सीधे बेचा और अधिक मुनाफा भी कमाया| किसानों के लिए शहर में आम बेचने की सुविधा उपलब्ध ना होने के कारण वह इस दिशा में कदम नहीं बनाते हैं.

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने किसानों का आम कॉलोनी में बेचकर यह सिद्ध कर दिया कि यदि अच्छे किस्म का आम शहर में बेचने का प्रयास किया जाए तो खरीदार बहुत मिलेंगे. इसी दिशा में संस्थान के निदेशक डॉ राजन ने उद्यान विभाग के निदेशक से विचार-विमर्श करके शहर में किसानों को आम बेचने के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए निवेदन किया.

इस दिशा में किए गए प्रयासों से किसानों को भाग से लाकर डायरेक्ट शहर में आम बेचने का अनुभव होगा. | किसान एक दूसरे की सहायता से अच्छी मार्केटिंग तकनीक अपनाकर अधिक लाभ कमा सकते हैं. कार्बाइड एवं कीटनाशक रहित आम को अच्छा मूल्य देने वाले खरीददारों की कमी नहीं है.


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