Breaking News
Home / इंटरव्यू / ग्रामीण जनता की सेहत से जुड़ी है जनस्वास्थ्य रक्षकों की लड़ाई : मनोज कुमार 
IMG-20190111-WA0050

ग्रामीण जनता की सेहत से जुड़ी है जनस्वास्थ्य रक्षकों की लड़ाई : मनोज कुमार 

IMG-20190111-WA0050लखनऊ । हापुड़ से लखनऊ की दिशा में बढ़ रहे आॅल इंडिया कम्युनिटी हेल्थ वर्कर एसोसिएशन का निवेदन मार्च शनिवार को लखनऊ में प्रवेश करेगा। शुरूआत से ही जनस्वास्थ्य रक्षकों की बहाली संघर्ष से जुड़े मनोज कुमार इस निवेदन मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं जनस्वास्थ्य रक्षकों के मुद्दे पर आॅल इंडिया कम्युनिटी हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार से हुई वार्ता के अंश –
प्रश्न – इतने भीषण जाड़े में हजारों जनस्वास्थ्य रक्षकों को लेकर निवेदन मार्च निकालने की जरूरत क्या थी? 
मनोज – पन्द्रह वर्ष से हम यह लड़ाई लड़ रहे हैं। कोई सरकार यह नही कहती कि हमारी लड़ाई गलत है। मायावती ने भी हमारे पक्ष को समझा और अखिलेश यादव ने भी लेकिन सरकारी लेटलतीफी ने हमारा शासनादेश पारित नहीं होने दिया।
प्रश्न – योगी सरकार के बारे में क्या कहना है? 
मनोज – इस सरकार से प्रदेश की जनता से बहुत आशाएं हैं। लोग उम्मीद लगाकर बैठे हैं कि यह सरकार कुछ काम करेगी। हमें भी इस बात की प्रसन्नता है कि परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के आदेश से सभी जिलों में जनस्वास्थ्य रक्षकों की बहाली से जुड़ा सरकारी ग्राउंड सर्वे पूरा हो चुका है।
प्रश्न – अब बहाली शासनादेश जारी करने में क्या समस्या है? 
मनोज – यही बात हमें सड़क पर उतर कर सरकार से निवेदन करने के लिए विवश कर रही है। वित्तीय प्रस्तावना लाकर सभी जनस्वास्थ्य रक्षकों की बहाली का शासनादेश अब जारी होना चाहिए लेकिन फिर वही लटकाए रखने की सरकारी नीति सामने आ रही है इसलिए इतनी बड़ी संख्या में जनस्वास्थ्य अपने प्राणों की परवाह न करते हुए गंगा से गोमती तट की दिशा में बढ़ रहे हैं। साढ़े चार सौ किलोमीटर के इस पैदल मार्च को आजादी के बाद सबसे बड़ा लोक अभियान कहा जा सकता है जो पूरी तरह नैतिक, वैधानिक और अहिंसक आंदोलन का इतिहास बना रहा है।
प्रश्न – इसे निवेदन मार्च का नाम क्यों दिया गया? 
मनोज – लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुनी हुई सरकारों का दायित्व है कि वे जनता के हित में फैसले करे लेकिन जब चिकित्सा माफिया सरकारों को संचालित करने लगे तो नीतियां जनविरोधी हो जाती है। तब भारत की संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले लोगों को हमारे जैसे लोगों के पास दो ही रास्ते बाकी रह जाते हैं। पहला रास्ता न्यायालय का है जहां हम लगातार जीतते रहे हैं और दूसरा रास्ता जनता के द्वारा चुनी हुई केंद्र और राज्य सरकारों के सामने निवेदन रखने का है। हमारे हजारों जनस्वास्थ्य रक्षक सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर योगी सरकार के सामने बहाली शासनादेश का निवेदन करने के लिए लखनऊ पहुंचेंगे। इनमें बुजुर्ग और महिलाएँ भी शामिल हैं देखना है कि उत्तर प्रदेश की करोड़ों ग्रामीण जनता की सेहत से जुड़े जनस्वास्थ्य रक्षकों के इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्या फैसला लेते हैं?

Check Also

yupi

यूपी राज्य महिला आयोग मुख्यालय पर हुई जनसुनवाई

लखनऊ: यूपी राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर रोकथाम और …

gaav

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘महात्मा गांधी खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना’ शुरू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के अन्तर्गत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार …

sainik

सहायक अध्यापकों की भर्ती में भूतपूर्व सैनिक भी आरक्षित वर्ग में लाभार्थी 

  लखनऊ: प्रदेश के अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा. प्रभात कुमार ने बताया कि सहायक …

haj

हज-2019 : अब तीन किश्तों में जमा कर सकते है हज यात्रा की रकम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के सचिव विनीत कुमार श्रीवास्तव ने यहां बताया कि हज …

sss

प्रश्न-पत्र रखे जाने वाले स्थान पर 24 घण्टे होगी सीसीटीवी कैमरे की निगरानी 

लखनऊ: प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी, प्रयागराज द्वारा संचालित वर्ष …

CMS_-_Student

सीएमएस छात्र प्रांजल, पुलकित और प्रतीक ‘कैट’ परीक्षा में चयनित

लखनऊ। सिटी मान्टेसरी स्कूल के तीन छात्रों ने देश की सर्वाधिक प्रतिष्ठित ‘कॉमन एडमीशन टेस्ट …