July 24, 2021

सुशील कुमार की इस याचिका पर सोचने से हाईकोर्ट ने किया मना

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पहलवान सुशील कुमार की मां ने एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट में बेटे से जुड़े केस में मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

याचिकामें आरोपी के अधिकारों पर सोच करके आपराधिक मामलों में रिपोर्टिंग के लिए मानक नियम बनाने मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने और पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ केस में रिपोर्टिंग को रोकने की मांग हुई थी.

याचिका में आरोप लगाया गया था कि छत्रसाल स्टेडियम में हुई झड़प के मामले में पहलवान सुशील कुमार खिलाफ मामले की मीडिया रिपोर्टिंग से उनके करियर तथा साख को नुकसान हुआ है.

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पहलवान सागर की हत्या से जुड़े मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने व आपराधिक मामले की रिपोर्टिंग के लिए दिशानिर्देश तय करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोचने से इनकार कर दिया.

हाईकोर्ट ने बोला कि ऐसे व्यक्ति के लिए याचिका दाखिल नहीं की जा सकती जिसे सब जानते हैं. चीफ जस्टिस डी.एन. पटेल व जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने बोला कि एक जागरूक व्यक्ति कुमार की तरफ दायर याचिका में दावा किया गया है कि मीडिया ने हत्या के ऐसे मामले में अपनी रिपोर्टिंग से उनकी छवि बिगाड़ी है जिसमें वो एक आरोपी हैं.

कोर्ट के मुताबिक. आप एक व्यक्ति के लिए याचिका दाखिल नहीं कर सकते. हमें एक जागरूक व्यक्ति की ओर से मुकदमे पर सुनवाई करने की कोई वजह नही नजर आ रही है.

कोर्ट ने कानून के एक छात्र द्वारा दायर याचिका का निस्तारण कर दिया. पहलवान सागर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पहलवान सुशील कुमार से जुड़े मामले में मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की मांग को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट मे याचिका दायर की गयी थी.

इस याचिका में हाईकोर्ट से आपराधिक मामलों की मीडिया में रिपोर्टिंग के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग हुई थी. आरोपी पहलवान सुशील कुमार की मां कमला देवी की तरफ से दिल्ली विश्वविद्यालय में कानून के छात्र श्रीकांत प्रसाद ने याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता श्रीकांत प्रसाद के मुताबिक, आरोपी की मां ने उन्हें याचिका दायर करने की सहमति दी है.

याचिका में बोला गया था कि इस मामले में मीडिया में आधारहीन तथ्यों को दिखाया जा रहा है और मुकदमे का ट्रायल शुरू होने से पहले ही मीडिया मामले में अपने हिसाब से ट्रायल कर रही है. याचिका में बोला गया था कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, मीडिया सुशील कुमार को हत्यारे के तौर पर दिखा रही है.

याचिका में केंद्र सरकार से मीडिया रिपोर्टिंग के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग करने के साथ ही सुशील कुमार व अन्य के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में दर्ज मामले में मीडिया संस्थानों को आधारहीन खबरें चलने पर रोक लगाने की मांग हुई थी. याचिका में इस बात की जांच कराने की भी मांग की गयी थी कि मामले की जांच से जुड़े तथ्य मीडिया में कैसे आ रहे हैं.

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याचिका में बोला गया था कि जांच से जुड़े तथ्य लीक होना आरोपी के अधिकारों का हनन है. गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने 23 मई को सुशील कुमार को हत्या के संबंध में पूछताछ के लिए छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था और बोला था कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

आरोप है कि सुशील व उनके साथियों ने दिल्ली स्थित छत्रसाल स्टेडियम में चार मई की रात पहलवान सागर व उसके दो दोस्तों सोनू व अमित कुमार पर कथित तौर पर हमला किया था. चोट की वजह से सागर की मौत हो गयी थी.

सुशील कुमार को साथी अजय के साथ 23 मई को दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार हुए थे. इससे पहले दो बार सुशील कुमार तीन हफ्तों तक फरार रहे.


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