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बचपन में पीएम मोदी संन्यासी या सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन चल पड़े राजनीतिक पथ पर

akshya modi 2-3नयी दिल्ली:  देश में लोकसभा चुनाव की व्यस्तताओं बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार को पहला गैरराजनीतिक इंटरव्यू दिया. इस दौरान पीएम मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार को एक अनूठा इंटरव्यू देकर अपनी  जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं पर चर्चा की. इस इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने उनसे संन्यासी या सेना में भर्ती होने पर सवाल किया कि क्या आप संन्यासी बनना चाहते थे, आप सेना में भर्ती होना चाहते थे.

अभिनेता अक्षय कुमार को दिया पहला गैरराजनीतिक इंटरव्यू

अक्षय कुमार के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आपने बिलकुल सही कहा कि बचपन में मेरा स्वभाव था किताबें पढ़ना, बड़े बड़े लोगों का जीवन पढ़ता था. कभी फौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सेल्यूट करता था. मन करता था.  वही 1962 की लड़ाई के दौरान मेहसाणा स्टेशन पर जब फौजी जवान जाते थे, तो लोग उनका सत्कार करते थे, तो मैं भी चला जाता था. उन्हें देखकर मेरे मन में हो गया कि ये देश के लिए जीने मरने वाला रास्ता है. उस दिशा में सोचता था. इतने में गुजरात में सैनिक स्कूल के बारे में जाना और मैं भी उसमें भर्ती होना चाहता था. जानकारी 1-2 रुपये में मिलती थी, लेकिन अंग्रेजी नहीं आती तो हमारे मोहल्ले में एक प्रिंसिपल रास बिहारी मणिहार रहते थे, मैं उनके पास चला जाता था. मैं कभी भी बड़े आदमी से मिलने से संकोच नहीं करता था.

अपनी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं पर की चर्चा, बताया पीएम बनने तक के सफ़र के बारे में 

akhsya modi 1बस यहीं मन था, तो मैं राम कृष्ण मिशन में चला गया. एक स्वामी आस्थामन जी हुआ करते थे. अभी उनका 100 वर्ष की आयु में निधन हुआ. सीएम बना तो मैंने उन्हें घर बनाया. पीएम बना तो मैं उनके यहां चला जाता था. वह मुझे बहुत प्यार करते थे, समझाते थे, जिंदगी क्या है, टिकना क्या है. राम कृष्ण मिशन आश्रम में कुछ समय रखते थे, विवेकानंद जी जिस कमरे में रहते थे, उस कमरे में घंटों तक बैठने का मौका देते थे. तो ये नए-नए अनुभव होने लगे. मैं हिमालय की दुनिया में भी चल पड़ा था. बहुत भटका, दुनिया देखी और ये सब 18-22 साल में करता रहा. लेकिन कुछ कंफ्यूजन भी था, कुछ इरादे भी थे और कोई गाइडेंस नहीं मिल रहा था. लेकिन मन में सवाल खुद पैदा करता था और जवाब पैदा करता था. ऐसे भटकता भटका यहां पर आ पहुंचा.

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