July 29, 2021

आईओसी ने इन प्लेयर्स को दी अपना बच्चा साथ ले जाने की मंजूरी

Share This News

दुनिया की सर्वोच्च खेल संस्था इंटरनेशनल ओलंपिक कमेंटी (आईओसी) ने टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली ऐसी महिला एथलीटों की मुश्किलें आसान की हैं, जिनके बच्चे अभी इतने छोटे हैं कि उन्हें मां को दूध पिलाना होता है. आईओसी ने ऐसी महिला एथलीटों को अपना बच्चा साथ में ले जाने की मंजूरी दी है.

ये फैसला कनाडा की बास्केटबॉल खिलाड़ी किम गौचर के अनुरोध पर लिया गया, जो अपनी नवजात बेटी को दूध पिलाती हैं.गौचर ने इंस्टाग्राम में अपनी तीन महीने की बेटी सोफी को टोक्यो ले जाने की इमोशनल अपील की थी.

ब्रिटिश कोलंबिया के मिसन में रहने वाले 37 वर्षीय गौचर ने कहा कि आईओसी के पहले के फैसले के बाद उनके सामने दो ही ऑप्शन थे – ओलंपिक में नहीं खेलना या टोक्यो में अपनी बेटी के बिना 28 दिन बिताना.

आईओसी ने बयान में कहा कि, हम इसका स्वागत करते हैं कि इतनी सारी मां ओलंपिक सहित टॉप लेवल के टूर्नामेंट्स में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं. इसमें कहा गया कि हमें ये खुशी है कि टोक्यो 2020 आयोजन समिति ने स्तनपान कराने वाली खिलाड़ियों और उनके बच्चों के जापान के प्रवेश के संबंध में विशेष समाधान निकाला है.

ये भी पढ़े : कोरोना से हालत खराब हुए तो बिना दर्शकों के खेला जा सकता है ओलंपिक

आईओसी ने पहले कहा था कि कोरोना प्रतिबंधों को देखते हुए किसी भी खिलाड़ी का परिवार टोक्यो नहीं जा सकता है, लेकिन गौचर ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और प्रायोजक जापान ट्रैवल कर सकते हैं और जापानी दर्शकों को सीमित संख्या में स्टेडियमों में आने की मंजूरी होगी,

केवल खिलाड़ियों को अपने बच्चों से नहीं मिलने दिया जाएगा. उन्होंने कहा था कि, जापान के दर्शक स्टेडियमों में उपस्थित रहेंगे. स्टेडियम आधे भरे होंगे लेकिन मैं अपनी बेटी से नहीं मिल पाऊंगी. गौचर अभी फ्लोरिडा में प्रैक्टिस कैंप में भाग ले रही हैं और आईओसी के नए नियम से उन्हें उनके पति ने अवगत कराया.

नई नीति का फायदा स्तनपान कराने वाली उन सभी महिला खिलाड़ियों को मिलेगा, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है. इनमें अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी अलेक्स मोर्गन भी हैं, जिनकी मई 2020 में जन्मी बिटिया चार्ली भी अब उनके साथ टोक्यो जा सकती है. गौचर और मोर्गन दोनों का ये तीसरा ओलंपिक होगा.


Share This News