July 24, 2021

जौनपुर जेल बनी अखाड़ा, जेल अधिकारियों के छूटे पसीने

फोटो सोशल मीडिया

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लखनऊ। जौनपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जिला जौनपुर के रामपुर निवासी सिद्धदोष बंदी बागेश मिश्रा की बीमारी से मौत के बाद जेल परिसर में हंगामा हो गया। इस दौरान बंदियों ने जेल प्रशासन पर बंदी का इलाज न कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया।

जानकारी के अनुसार बंदी को 3 जून को रात लगभग 10 बजे जेल अस्पताल में लो बीपी, हाई सुगर तथा सांस की समस्या के लिए भर्ती करके उपचार किया जा रहा था। 4 जून को दोपहर 12:55 पर उसे ज्यादा परेशानी होने पर बेहतर इलाज के लिए जेल डॉक्टर की ओर से जिला अस्पताल जौनपुर भेजा गया जहां दोपहर 1:35पर मृत घोषित कर दिया गया।

सिद्धदोष बंदी बागेश की मौत के बाद कैदियों ने किया हंगामा व तोडफ़ोड़

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जेल प्रशासन का आरोप है कि घटना से आक्रोशित बंदी के तीन अन्य भाइयों ने अन्य बन्दियों के साथ मिलकर जेल में उपद्रव शुरू कर दिया तथा ईंट पत्थर चलाने लगे। इसके साथ ही जेल किचन के गैस सिलिंडर लेकर आगजनी की धमकी देने लगे। जेल से मिली जानकारी के अनुसार कारागार के अहाते में एक कंबल को आग लगा दिया गया जबकि एक हेड बॉर्डर चोटिल है।

बताया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तथा जिला प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना पाते ही भारी पुलिस बल के साथ जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गये तथा बन्दियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

चर्चा है कि जौनपुर जेल में शुक्रवार दोपहर से जारी कैदियों के उत्पात के बाद जेल के अंदर आगजनी हुई और आंसू गैस के गोले लगातार छोड़े जाने के बाद भी उत्पात पांच घंटे से ज्यादा समय तक जारी रहा। हालात बेकाबू होते देख वाराणसी से कमिश्नर दीपक अग्रवाल और आईजी रेंज एसके भगत भी जौनपुर पहुंचे।

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जिला जेल की स्थिति पहले ड्रोन कैमरे से देखी फिर बॉडी आर्म और हेलमेट पहनकर जेल के भीतर दाखिल हो गये। बताया जा रहा है कि आजीवन कारावास पाये कैदी बागेश मिश्र उर्फ सरपंच की शुक्रवार को दोपहर मौत हो गई। मृतक के भाई ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मौत की खबर लगने पर आक्रोशित बंदियों ने जेल में हंगामा और तोडफ़ोड़ शुरू कर दी।

चर्चा ये भी है कि एक बंदीरक्षक की बुरी तरह पिटाई कर दी। उसका पैर तोड़ दिया गया है। जेल अस्पताल और कई बैरकों में आग लगा दी। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा भारी पुलिस व पीएसी फोर्स बुलाने के बाद पुलिस ने गेट बंद कर आंसू गैस के गोले दागे। जानकारी के मुताबिक मृतक की पत्नी कुसुम मिश्रा ग्राम सभा बनीडीह की प्रधान है।

वहीें मृतक के भाई अनिल कुमार मिश्र ने बीमारी की पुष्टि करते हुए जेल प्रशासन पर इलाज में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। इस बारे में जेल अधीक्षक एसके पांडेय बताते हैं कि दोपहर में वह कारागार के अस्पताल में उपचाररत बंदियों को देखने गये तो बागेश मिश्र की हालत नाजुक लगने पर एंबुलेंस से पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इसकी सूचना कारागार मुख्यालय को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद जेल में निरुद्ध बंदियों के हंगामा व तोडफ़ोड़ करने पर स्थिति पर काबू पाने को जिला प्रशासन को सूचना देकर फोर्स बुला ली गई है। फोर्स आने के बाद स्थिति सामान्य हो गयी।


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