July 24, 2021

पाकिस्तान असेम्बली में पारित विधेयक से कुलभूषण जाधव को मिला अपील का अधिकार

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नई दिल्ली. जासूसी के आरोप में  पाकिस्तान की जेल में बंद  भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव अब मौत की सज़ा के खिलाफ अपील कर सकेंगे. दरअसल पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली में पारित  अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत विधेयक 2020 पारित होने के बाद कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा के खिलाफ अपील का अधिकार मिला है.

इसके साथ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद भी मिल सकेंगी. विधेयक पारित होने के बाद पाकिस्तान के कानून मंत्री फरोग नसीम ने बोला कि ये विधेयक पारित कर दुनिया को संदेश दिया है कि पाकिस्तान ये विधेयक पारित नहीं करता तो भारत के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में अवमानना की कार्रवाई शुरू हो जाती.

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को साल 2017 में जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई थी. इस सजा के खिलाफ भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट में अपील की थी. इस का दरवाज़ा खटखटाया था. इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान को कहा था कि वो अपने फैसले की फिर से समीक्षा के साथ  फैसले के खिलाफ अपील के लिए जाधव को भी एक मंच दे.

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फिर  पाकिस्तान ने जाधव की माँ और पत्नी को पाकिस्तान बुलाकर शीशे की दीवार के  पार से माइक्रोफोन से बात कराई थी. हालांकि इस विधेयक के पारित होने के बाद पाकिस्तान सरकार को विपक्ष ने खूब लताड़ा था और इसे भारत के आगे आत्मसमर्पण कहा.

बताते चले कि इस विधेयक के पारित होने के बाद अब जाधव अपनी बात रखते हुए न्यायालय में यह कह सकते हैं कि वह भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी हैं जिन्हें ईरान से बंधक बनाकर पाकिस्तान लाया गया था.  उन पर पाकिस्तान में जासूसी और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप बिलकुल झूठा है.


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