July 29, 2021

एशियाई मुक्केबाजी : मैरी कोम को रजत पदक, नही पूरा हुआ स्वर्ण का सपना

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दुबई में जारी 2021 एएसबीसी एशियाई महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कोम को 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन नाज़िम काज़ैबे ने 3-2 से हराया.

 

इस तरह मैरी कोम अपने रिकार्ड छठे गोल्ड से महरूम रह गयी. मैरी कोम को 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन नाज़िम काज़ैबे ने 3-2 से मात दी.

मैरी ने एशियाई चैंपियनशिप में सातवीं बार हिस्सा लेते हुए दूसरी बार रजत पदक जीता है. मैरी कोम और लैशराम सरिता देवी ने एशियाई चैंपियनशिप में पांच-पांच गोल्ड मैडल जीते है.

इस महान मुक्केबाज ने 2003, 2005, 2010, 2012 और 2017 में गोल्ड मैडल जीता था वही 2008 औऱ इस साल उनके हिस्से में रजत पदक आया था. भारत ने इस चैंपियनशिप में अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए 15 पदक जीते है. ये इस चैंपियनशिप में उसका अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन है.

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बैंकाक में 2019 में भारत ने 13 पदक (2 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य) जीता था और तालिका में तीसरे स्थान पर रहा था. इसके साथ आठ भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को सेमीफाइनल में हारे थे.

इन सबने देश के लिए कांस्य पदक जीता है. गौरतलब है कि भारत, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया, फिलीपींस और कजाकिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी राष्ट्रों सहित 17 देशों के 150 मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में भाग लिया.


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