July 24, 2021

ऐसे ओलंपिक खेलेंगे मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स, डॉ. विवेक सिंह नोडल अधिकारी

डॉ. विवेक सिंह नोडल अधिकारी

डॉ. विवेक सिंह नोडल अधिकारी

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लखनऊ: हर प्लेयर का सपना होता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़े और ओलंपिक में देश के लिए पदक अपने नाम करे. हालांकि ऐसे प्लेयर है जो पढ़ाई लिखाई की वजह से अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं देते हैं और खेलों की दुनिया के बजाये पढ़ाई लिखाई और नौकरी में करते हैं .

सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले युवाओं में अगर खेलों में कुछ करने का हौंसला है तो उनके लिए ओलंपिक में खेलना का सपना पूरा हो सकता है. दरअसल, सुप्रीमकोर्ट के निर्देश और भारतीय चिकित्सा परिषद के दिशानिर्देशों के मद्देनजर रवरी में स्पोर्ट्स कमेटी बनी थी. साथ ही ये कमेटी मेडिकल कॉलेजों में खेलों का पूरा संचालन करेगी.

डॉ. विवेक सिंह नोडल अधिकारी
डॉ. विवेक सिंह नोडल अधिकारी

जानकारी के अनुसार कमेटी के मुखिया राज्य के चिकित्सा महानिदेशक बने थे. इनके अलावा शासन के प्रतिनिधि के तौर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के उपसचिव कुलदीप रस्तोगी एवं चिकित्सा महानिदेशालय के डॉ. बीडी सिंह को मेंबर नियुक्त किया गया था. चिकित्सा शिक्षा विभाग के ही डॉ. विवेक सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया.

इस बारे में डॉ. विवेक सिंह ने बोला कि हमलोगों के लिए खुशी की बात है कि अब मेडिकल कॉलेज के छात्र भी ओलंपिक तक खेल सकेंगे. उन्होंने बोला कि कई ऐसे मेडिकल कॉलेज के छात्र है जो खेलों में अलग प्रतिभा रखते हैं लेकिन वो किसी वजह से आगे नहीं बढ़ पाते हैं. हालांकि अब ऐसा नहीं होगा अगर मेडिकल कॉलेज के छात्र में रूची रखते होंगे तो उनको आगे बढ़ाया जाये.

उन्होंने बोला कि वर्ष में एक बार एक मेडिकल विद्यार्थियों का ओलंपिक होगा. चुने हुए प्लेयर राज्य चैंपियनशिपों में भाग लेंगे. जहां से उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने का अवसर मिलेगा. इस बारे में मेडिकल कॉलेजों में खेल गतिविधियों के चलने के लिए बनायीं स्पोर्ट्स कमेटी की बुधवार को हुई मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.

नोडल अधिकारी डॉ. विवेक सिंह ने बोला कि राज्य भर में सरकारी मेडिकल कॉलेज 22 और दो डेंटल कॉलेज हैं. निजी क्षेत्र में 32 मेडिकल और 22 डेंटल कॉलेज है. ऐसे में हमलोग चाह रहे थे कि पढ़ाई करने वालों छात्रों को खेलों में भी शामिल जाए तो इनके लिए बेहतर होगा और तनाव भी कम होगा.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
फाइल फोटो सोशल मीडिया

उन्हें स्वस्थ रखने और उन्हें स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराने के लिए खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश होगी. उन्होंने बोला कि इस बारे में मेडिकल कॉलेजों में खेल गतिविधियों के चलने के लिए बनी स्पोर्ट्स कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये. मीटिंग में तय हुआ कि हर मेडिकल कॉलेज में खेलों की सुविधा और प्रशिक्षक हों.

वर्ष में कम से कम एक बार हर खेल की टूर्नामेंटों हों. फिर एक अंतरकॉलेज में टूर्नामेंट हो. इसमें हर कॉलेज की टीम भाग ले. इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में स्पोर्ट्स संचालन समिति को उत्तर प्रदेश ओलंपिक खेलों और अन्य राज्य खेल संघों से सम्बद्ध कराया जाये. इससे मेडिकल कॉलेज के प्रतिभाशाली प्लेयर्स का राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का रास्ता खुल जाएगा.


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