July 23, 2021

उत्तर प्रदेश में लागू की जाएगी नई जनसंख्या नीति 

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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लखनऊ. यूपी में जनसंख्या घनत्व को देखते हुए यूपी सरकार की निगाह अब जनसंख्या स्थिरीकरण के उपायों पर है. इसके चलते 25 करोड़ की आबादी वाले इस प्रदेश के लिए राज्य सरकार नई जनसंख्या नीति लाने वाली है.

वर्ष 2021-30 की अवधि के लिए प्रस्तावित नीति से  उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिये नवजात मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर को कम करने, नपुंसकता/बांझपन की समस्या के सुलभ समाधान देने के साथ जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयास भी होंगे. इस नई में एक अहम बिंदु 11 से 19 वर्ष के किशोरों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन के अलावा, बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्था करना भी शामिल है.

फाइल फोटो सोशल मीडिया

इसके साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम के जरिये गर्भ निरोधक उपायों की सुलभता को बढ़ाना और सुरक्षित गर्भपात की समुचित व्यवस्था देने का भी काम होगा. इस  नवीन जनसंख्या नीति 2021-30 को 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जारी करेंगे.

इस बारे में गुरुवार को लोकभवन में नवीन जनसंख्या नीति 2021-30 के संबंध में प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री योगी  आदित्यनाथ ने बोला कि  बढ़ती आबादी को गरीबी और अशिक्षा का बड़ा जिम्मेदार कहा और ये भी बिले कि कतिपय समुदाय में भी जनसंख्या को लेकर जागरूकता के अभाव के चलते समुदाय केंद्रित जागरूकता प्रयास की दरकार है.

राज्य की निवर्तमान जनसंख्या नीति 2000-16 की जगह नई नीति समय की जरुरत है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सभी जरूरी प्रयास के साथ जागरूकता लाने के लिए स्कूलों में “हेल्थ क्लब” बनाने के निर्देश दिए और डिजिटल हेल्थ मिशन की भावनाओं के अनुसार नवजातों, किशोरों और वृद्धजनों की डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था का भी निर्देश दिया.

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उन्होंने कहा नई नीति तैयार करने के लिए बोला कि इसमें सभी समुदायों में जनसांख्यकीय संतुलन बनाने, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की सहज उपलब्धता, समुचित पोषण से मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर तक लाने के प्रयास के साथ उद्देश्यों में सतत विकास लक्ष्य की भावना भी होनी चाहिए.

इससे पहले अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अमित मोहन प्रसाद ने सीएम को कहा कि प्रस्तावित जनसंख्या नीति को प्रदेश में एनएफएचएस-04 सहित अनेक रिपोर्ट के अध्ययन के  बाद तैयार किया जा रहा है. वही राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-05 की रिपोर्ट जल्द जारी होगी. नवीन नीति से जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों में तेजी होगी और  2026 और 2030 तक के  दो चरणों में अलग-अलग मानकों पर केंद्रित लक्ष्य निर्धारित हुए हैं.


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