July 28, 2021

सोच-समझकर विकल्प चुनने की शक्ति में विश्वास रखते है प्रसून जोशी

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व्यक्ति और पूरे समाज को अपने जीवन में सत्यांश को बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वल्लभ भंशाली ने अपने शुरू किए  सत्य विज्ञान फाउंडेशन की पहल ट्रुथटॉक्स ने हाल ही में प्रसून जोशी के साथ वार्ता का आयोजन किया था. एडवरटाइजिंग गुरु और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रसून जोशी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के वर्तमान अध्यक्ष भी है.

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दो बार जीत चुके श्री प्रसून जोशी के लिखे कई गीत और संवाद बहुत लोकप्रिय हैं, ‘ठंडा मतलब कोका-कोला’ जैसे उनके एड कैंपेन्स लोगों के दिलों-दिमाग में हमेशा के लिए बस चुके हैं. हाल ही में शनिवार 19 जून को यूट्यूब पर हुई उनकी वार्ता की एंकरिंग इनाम होल्डिंग्स के निदेशक मनीष चोखानी ने की.

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित प्रसून जोशी ट्रुथटॉक्स सीरीज़ में हुए लाइव

बातचीत में श्री जोशी ने अपने जीवन के समृद्ध अनुभवों और विश्वदृष्टि के बारे में कई विचार सांझा किए. अपने आप को स्वभाव से आशावादी बताते हुए उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण है कि हम अपने देश और हमारे समाज की ताकत के बारे में बात करते रहें और जो गलत है उसकी रट लगाने के बजाय उसे सही करने के लिए कुछ न कुछ करें.

श्री जोशी ने व्यवसाय उद्योग और विज्ञापन क्षेत्र के बारे में उनके विचार भी बताए. उन्होंने बताया कि कोई भी व्यवसाय जो समाज की भलाई के साथ तालमेल नहीं रखता है, जो अपने काम में समाज के प्रति चिंता को महत्वपूर्ण नहीं मानता है, वो व्यवसाय अंततः ख़त्म हो जाएगा. उन्होंने कहा, “मैं सोच-समझकर विकल्प चुनने की शक्ति में विश्वास रखता हूं.

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विज्ञापन किसी चीज के पीछे छिपा नहीं होता. विज्ञापन आपको स्पष्ट रूप से बताता है कि मैं एक विज्ञापन हूं और मैं उम्मीद कर रहा हूं कि आप मुझे आजमाएंगे. एक विज्ञापन होने के नाते, मैं आपका मनोरंजन करने और आपके दिमाग में अपनी जगह बनाने के लिए अतिशयोक्ति का उपयोग करने जा रहा हूं.

उनसे मार्गदर्शन लेने के लिए उत्सुक उद्यमियों के बारे में उन्होंने बताया कि उन्हें उद्यमियों के प्रति काफी लगाव है. उन्होंने आगे कहा कि वे इस बात के गहरे कारणों को समझने की कोशिश करते है कि उद्यमी किसी विशेष विचार या परियोजना पर काम क्यों करना चाहते हैं. श्री जोशी के अनुसार यही उद्यमियों की सच्चाई का मूल होता है.


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