July 29, 2021

भारत में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल की हो रही तैयारी

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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नई दिल्ली। भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का संक्रमण तेजी से फ़ैल रहा है. इसकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार वैक्सीनेशन की गति तेज करने पर जोर दे रही है. इसी बीच सरकार ने ये ऐलान किया कि देश में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का जल्द ट्रायल शुरू होगा.

इसके साथ ही नीति आयोग में सदस्य (स्वास्थ्य) और कोविड (एनईजीवीएसी) पर वैक्सीन प्रबंधन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष डॉ. विनोद पॉल ने भारत में वैक्सीनेशन से जुड़े कई मिथक खारिज किये. पॉल ने इसके साथ  कई मिथकों के बारे में फैक्ट बताये.  उन्होंने लोगो के इस दावे पर सवाल उठाये कि बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए कोई काम नहीं रहा है.

वैक्सीनेशन से जुड़े कई मिथकों का दिया गया जवाब

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पॉल के अनुसार  बच्चों में वैक्सीनेशन की सुरक्षा के बारे में कई स्टडी हुई है और सभी उत्साहजनक रहे है लेकिन दुनिया के किसी भी देश में बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं बनी है जबकि डब्ल्यूएचओ ने बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए  कोई सिफारिश भी नहीं की. वही भारत में भी बच्चों के वैक्सीन के लिए ट्रायल हो रहे है.

पॉल के अनुसार बच्चों का वैक्सीनेशन व्हाट्सएप ग्रुपों में फैलाई जा रही दहशत के आधार पर नहीं तय होगा. पॉल ने ये भी साफ़ किया कि राज्यों को तय दिशा-निर्देश के अनुसार पारदर्शी तरीके से पर्याप्त वैक्सीन का आवंटन हो रहा है और राज्यों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पहले ही बताया जा रहा है.  पॉल ने यह भी कहा कि जल्द देश में वैक्सीन की उपलब्धता  बढ़ेगी.

दुनिया के किसी भी देश में बच्चों के लिए नहीं बनी वैक्सीन

उन्होंने आगे बोला कि  सरकार सुनिश्चित कर रही है भारत बायोटेक  अपने संयंत्रों को बढ़ा रहा है और 3 अन्य कंपनियां कोवैक्सीन का उत्पादन शुरू करेंगी. इसके साथ  भारत बायोटेक द्वारा कोवैक्सीन का उत्पादन अक्टूबर तक 1 करोड़ प्रति माह से बढ़ाकर 10 करोड़ प्रति माह हो जायेगा.  वही  इन कंपनीज को दिसंबर तक 4 करोड़ डोज का उत्पादन करना होगा.

जल्द देश में वैक्सीन की उपलब्धता  बढ़ेगी.

इसके साथ ही सीरम इंस्टीट्यूट भी कोविशील्ड उत्पादन प्रति माह 6.5 करोड़ डोज से बढ़ाकर 11.0 करोड़ डोज प्रति माह कर रहा है. उन्होंने कहा कि 2021 के अंत तक हमारे वैक्सीन उद्योग द्वारा 200 करोड़ से अधिक डोज के उत्पादन का अनुमान है.

डॉ. विनोद पॉल के अनुसार ‘गैर-सरकारी माध्यम में, राज्यों को 25 प्रतिशत और निजी अस्पतालों को 25 प्रतिशत डोज मिल रही है लेकिन राज्य इन 25 प्रतिशत डोज को देने में हो रही दिक्कतों को बढ़ाकर बता रहे है.. वही कुछ नेता वैक्सीन  की आपूर्ति पर प्रतिदिन टीवी पर आकर दहशत फैला रहे हैं जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है.

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हमें इस समय राजनीति की जगह इस लड़ाई में एकजुट होना होगा.  पॉल ने बोला कि  भारत बायोटेक की एकल डोज इंट्रानेसल वैक्सीन का विकास भी भारत सरकार के वित्त पोषण के साथ बेहतर हो रहा है और यह एक शानदार उपलब्धि या गेम चेंजर हो सकता है.

उन्होंने बोला कि भारत सरकार रूस के साथ साझेदारी में यह भी तय कर रहा है कि स्पूतनिक  वी वैक्सीन का उत्पादन डॉ. रेड्डी के समन्वय के साथ 6 कंपनीज करेंगी. केंद्र सरकार जायडस कैडिला, बायोई के साथ-साथ जेनोवा के अपने-अपने स्वदेशी वैक्सीन के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में तकनीकी सहायता के प्रयासों का भी समर्थन कर रहा है.


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