July 24, 2021

तो जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पूरा होने के बाद होंगे विधानसभा चुनाव 

फोटो सोशल मीडिया

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नयी दिल्ली: जम्मू कश्मीर में भविष्य के खाका बनाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इस केंद्र शासित प्रदेश के 14 नेताओं के साथ लगभग तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में मंथन किया. प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई इस बैठक के मुद्दों के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी लेकिन  बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं ने इस बारे में जानकारी दी.

इस बारे में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बोला कि हमने राज्य का दर्जा जल्द देने, लोकतंत्र बहाली के लिए विधानसभा चुनाव कराने, जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और अधिवास नियम के बारे में मांग की. वही गृह मंत्री ये बोले कि सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने को प्रतिबद्ध है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इस केंद्र शासित प्रदेश के 14 नेताओं  के साथ की बैठक

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इस बीच पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने बोला कि सौहार्दपूर्ण तरीके के सकारात्मक नतीजे रहे है और हंमे  जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए कुछ बेहतर होने की उम्मीद है. इस बीच सूत्रों के माने तो सरकार परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कराने के पक्ष में है.

वही जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी बोले कि अच्छे माहौल में हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं के मुद्दे सुने. पीएम ने बोला कि परिसीमन पूरा होने के बाद चुनाव होंगे. पीएम ने सभी को परिसीमन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कहते हुए ये भी भरोसा दिलाया कि यह चुनाव का रोडमैप है और राज्य की बहाली को  प्रतिबद्ध हैं.

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बैठक में भाजपा से जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता और निर्मल सिंह भी  आये थे. वही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा, गृह सचिव अजय भल्ला और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी थे.

इस बैठक में पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्री और चार पूर्व उपमुख्यमंत्री शामिल हुए और जानकारी के अनुसार  सभी नेताओं ने  पूर्ण राज्य की मांग की है.

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इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस संरक्षक फारूक अब्दुल्ला, उनके पुत्र व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी सहित कुछ अन्य नेता भी थे.

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बताते चले कि पांच अगस्त 2019 कोजम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में  बांटने के बाद ये पहली  बैठक है जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री मोदी ने की.

इस बैठक से एक दिन पहले परिसीमन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जम्मू-कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और सात नयी सीटें बनाने पर विचार-विमर्श हुआ था. वही परिसीमन के बाद जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से 90 हो  जाएँगी.


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