July 24, 2021

1983 विश्वकप में सुनील गावस्कर ने जीत में निभाई थी अहम भूमिका

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पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अपने 16 साल के लंबे करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की. टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज गावस्कर का आज 72वां बर्थडे है. गावस्कर की 1983 वर्ल्डकप में भारत को पहली बार चैंपियन बनाने में भूमिका निभाई थी.

गावस्कर विश्व के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक थे, जो 1970-80 के दशक में वेस्टइंडीज के खतरनाक पेस अटैक का डटकर सामना करते थे. उन्होंने कुछ समय के लिए भारतीय टीम की अगुवाई की थी. अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन के मैदान पर करने वाले सुनील गावस्कर ने डेब्यू टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज जैसे घातक गेंदबाजी अटैक के सामने 774 रन बनाये थे.

गावस्कर ने अपने करियर में कुल 125 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 51.12 के शानदार औसत से 10,122 रन बनाए. गावस्कर ने टेस्ट करियर में 34 शतक और 45 अर्धशतक जड़े. भारत की तरफ से लगातार 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी लिटिल मास्टर के नाम से फेमस गावस्कर ने भारतीय टीम का 47 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमे से टीम 9 में जीत दर्ज की और 8 मैचों में टीम हारी, वही 30 टेस्ट मैच ड्रॉ हुए.

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टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से खेलते हुए सबसे तेज 5,000 रन पूरे करने का सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड आज भी कोई तोड़ नहीं पाया.  उन्होंने महज 95 पारियों में अपने 5 हजार रन पूरे किए थे.

सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली जैसे बल्लेबाज उनके रिकॉर्ड के नजदीक पहुंचने के बाद भी तोड़ नहीं सके. गावस्कर ने भारत के लिए 108 वनडे मैच भी खेलते हुए 35.13 के औसत से 3092 रन बनाए. गावस्कर ने अपने वनडे करियर में 1 शतक और 27 अर्धशतक मारा वही फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 25,834 रन बनाए और 81 शतक मारे.


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