July 29, 2021

सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूल में वार्षिक फीस लेने के हाईकोर्ट के आदेश पर नहीं लगाई रोक

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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नई दिल्ली :  राष्ट्रीय राजधानी में निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को पिछले साल लॉकडाउन के बाद की अवधि के लिए वार्षिक, विकास शुल्क लगाने की मंजूरी के दिल्ली हाईकोर्ट के  आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया.

सुनवाई में  दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की ये दलील जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ ने नहीं मानी कि गैरसहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा शुल्क वसूली को विनियमित करने का अधिकार है और शुल्क लेने का मंजूरी का आदेश रोका जाए.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
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पीठ ने ये जरुर कहा कि  इस बारे में दिल्ली सरकार उच्च न्यायालय के सामने ये दलीलें दे सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ये याचिका गुणदोष के आधार पर खारिज नहीं की है. इस मामले में उच्च न्यायालय 12 जुलाई को सुनवाई करेगा.

बताते चले कि दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 31 मई को दिल्ली सरकार के डीओई द्वारा जारी अप्रैल और अगस्त 2020 का आदेश रद्द कर दिया था, जिसमें वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क के संग्रह पर रोक लगाई गई थी.

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इस मामले में निजी स्कूलों ने तर्क दिया था कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 31 मई को शीर्ष अदालत के इंडियन स्कूल, जोधपुर बनाम राजस्थान राज्य के फैसले (सुप्रीम कोर्ट) पर संज्ञान लिया था, जिसमें बोला गया था कि स्कूल 15  फीसदी की कटौती के साथ वाषिक शुल्क ले सकते हैं और इस मामले में भी यही हुआ है.


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