July 23, 2021

कोरोना की तीसरी लहर के खिलाफ आने वाले 100 दिन महत्वपूर्ण 

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

Share This News

नई दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने हाल ही में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के बारे में वैश्विक चेतावनी जारी की है. इस बारे में नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य वीके पॉल ने बोला कि इस  चेतावनी से तीसरी लहर के संभावित प्रभाव का आंकलन होता है.  उन्होंने आगे बोला कि  डब्लूएचओ की इस  चेतावनी से हमें हालत का अनुमान होता है और ये सच है कि दुनिया तीसरी लहर की ओर बढ़ रही है.

उन्होंने बोला कि डब्ल्यूएचओ के उत्तर और दक्षिण अमेरिकी क्षेत्रों के अलावा अन्य सभी डब्ल्यूएचओ क्षेत्र में हाल अच्छे से बुरे और बुरे से बदतर होते जा रहे है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता में  डॉ पॉल ने  बोला कि हमारी आबादी  असुरक्षित है. हम  संक्रमण के बाद भी हर्ड इम्युनिटी तक नहीं पहुंचे हैं. ये न सोचिये कि  हम प्राकृतिक संक्रमण से हर्ड इम्यूनिटी पाना चाहते है.

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया
प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

हमने असुरक्षित आबादी का कम से कम 50 प्रतिशत वैक्सीनेशन किया है और हम अभी भी असुरक्षित हैं. हमें हालत पर नियंत्रण बनाने की कोशिश करनी होगी और इस दिशा में आने वाले 100 दिन महत्वपूर्ण होंगे. उन्होंने बोला कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमें इसे गंभीरता से लेने को कहा है और तीसरी लहर को रोकने का लक्ष्य दिया है और यह संभव है.

ये भी पढ़े : कोरोना की तीसरी लहर दे रही दस्तक, पूरी तरह रहना होगा सतर्क : पीएम मोदी

उन्होंने आगे बोला कि स्पेन में कोरोना के साप्ताहिक केस 64 प्रतिशत बढ़े है तो नीदरलैंड में 300 प्रतिशत केस बढे है. म्यांमार, मलेशिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश में भी अब अभूतपूर्व उछाल  है. वही  अफ्रीका में कोरोना वायरस के 50 फीसदी केस बढ़ते देखे गए है.

वही थाईलैंड में भी लम्बी स्थिरता के बाद तेजी से नए केस मिल रहे है. डॉ वीके पॉल ने बोला कि हमारी वैक्सीन काफी प्रभावकारी व बहुत सुरक्षित हैं और वैक्सीनेशन तेज होना चाहिए लेकिन हम पूरी तरह वैक्सीनेशन के भरोसे नहीं रह सकते.

इसके साथ  लव अग्रवाल ने बोला कि लहरों की तीव्रता लहर की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है और भले ही तीसरी हो या चौथी लहर. ये तो वायरस और इंसान के बीच की प्राकृतिक संपर्क है.


Share This News