July 23, 2021

कोरोना काल में भारत की ऐसे मदद कर रहा है द स्माइलिंग फाउंडेशन

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कोरोना महामारी के दौर हर भारतीय छोटी से छोटी या सबसे जरूरी चीजों के लिए भी संघर्ष करते नज़र आ रहा है. वही जब हम कठिन समय से गुजर रहे होते हैं, तो दुनिया के सभी हिस्सों से लोग एक-दूसरे की मदद करने के लिए आगे आते हैं.

इसी क्रम में कैलिफ़ोर्निया में स्थापित द स्माइलिंग फाउंडेशन (टीएसएफ) ने वायरस से निपटने वाले डॉक्टरों के साथ पॉडकास्ट आयोजित करके उपलब्ध टीकों के साथ महामारी के बारे में जागरूकता अभियान शुरू किया. टीएसएफ ने कई वेबिनार किए जहां उन्होंने विभिन्न विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों को आमंत्रित किया और लोगों के सवालों के जवाब देने के लिए पॉडकास्ट और टाउन हॉल मीटिंग भी.

यह पूरे भारत के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में भाग लेने वाले परिवारों द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्राप्त किया गया था. इसमें  वक्ता  डॉ. दीप्ति दोशी और डॉ. मनोज मजूमदार (पल्मोनोलॉजिस्ट) को समुदाय में “यंग कोरोना योद्धा“ के रूप में जाना जाने लगा. इन योद्धाओं के बारे में आश्चर्यजनक बात यह थी कि उनके शब्दकोश में “नहीं“ जैसा कोई शब्द नहीं था.

पिछले एक महीने में द स्माइलिंग फाउंडेशन ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रोगियों के परिवारों को 27 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजी है, उनके लिए जो इस चुनौतीपूर्ण समय में उचित देखभाल प्राप्त नहीं कर सकते हैं. कंसंट्रेटर बाहरी हवा को इकट्ठा करते हैं और इसे फ़िल्टर करते हैं ताकि रोगियों को अपने दम पर सांस लेने में मदद मिल सके.

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इन कंसंट्रेटर का उपयोग घर से ही किया जा सकता है और प्रारंभिक अवस्था में वायरस का उपचार करने से रोगियों के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है, अस्पताल में भर्ती होने से पूरी तरह बचा जा सकता है. अब तक, टीएस ने जरूरतमंद लोगों को 27 कंसंट्रेटर वितरित करने की व्यवस्था की है.

इसमें 27 में से, 4 कंसंट्रेटर उत्तर प्रदेश, 6 कंसंट्रेटर  जयपुर, 4 हरियाणा में व्यक्तिगत रोगियों और 13 कंसंट्रेटर दिल्ली में लोगों को भेजे गए है. दिल्ली में,  TSF IBS  अस्पताल,  ITBP  अस्पताल, दिल्ली बार काउंसिल, EOW  पुलिस विभाग, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो, कोरोना  केंद्र  GK II] गोयल नर्सिंग होम और जैन समाज की मदद को भेजे हैं.

वर्तमान में, टीएसएफ   के पास रोटेशन में 5 ऑक्सीजन  कंसंट्रेटर हैं, जहां लोग अपनी आवश्यकता समाप्त होने पर कंसंट्रेटर  को वापस कर देते हैं. हमारा समग्र लक्ष्य अगले कुछ महीनों के भीतर टीएसएफ के द्वारा अधिक से अधिक  कंसंट्रेटर  भेजने का है, जब तक कि भारत महामारी पर काबू नहीं पा लेता.

27 कंसंट्रेटर एक छोटी संख्या की तरह लग सकते हैं, लेकिन उन्हें प्राप्त करने वालों के लिए, वे एक जीवन रक्षक प्रयास हैं इस मुहिम मे संदीप बेल्गो (सीनियर कोर्पोरेट एग्जीक्यूटिव ने भी  टीएसएफ  के साथ कदम से कदम मिला कर हर मुमकिन कोशिश को अंजाम दिया, उनके द्वारा दिल्ली मे मास्क भेजे गए, और जरुरतमंदो को आवश्यक्ता अनुसार मास्क वितरित किये गए.

हाल ही में  टीएसएफ  को दक्षिणी कैलिफोर्निया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक ने बहुत बड़ा दान दिया है. दान में 368  Bamlanivimab इंजेक्शन शामिल थे, जिन्हें “बम बम“ भी कहा जाता है. यह अमेरिकी निर्मित दवा है, जिसका उपयोग कोरोना  रोगियों को ठीक करने के लिए किया जाता है. हाल ही में 11 मई को , भारत सरकार ने भारत में डॉक्टरों के लिए एक आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) जारी किया.

यह वर्तमान में भारत आने की और अग्रसर है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि एक बार जब यह भारत पहुंच जाएगा, तो इसका सबसे अच्छा उपयोग  कोरोना  रोगियों की देखभाल के लिए किया जाएगा. टीएसएफ के अध्यक्ष रोहन जैन ने कहा कि हमें जो भी मदद मिल रही है, उससे हम भारत की मदद करने की कोशिश कर रहे है. हमारे पास जो छोटा सा कार्यबल है, उसके साथ यह सब करने पर हमें बहुत गर्व है.


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