July 28, 2021

यूपी की नई जनसंख्या नीति में ये खास पहलू, स्थानीय निकाय भी चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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लखनऊ: बढ़ती जनसंख्या के मसले पर अपनी चिंता जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राज्य जनसंख्या नीति 2021-30 की  घोषणा की. अब इस मसले पर 19 जुलाई तक जनता अपनी राय दे सकती है. इस नीति के ड्राफ्ट के अनुसार दो से  ज्यादा बच्चे वाले लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं  पा सकेंगे.

वही सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेंगे और  उन्हें स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ने से भी वंचित कर दिया जायेगा.  इस अवसर पर विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम आवास पर हुए कार्यक्रम में सीएम योगी ने बढ़ती आबादी को विकास की राह में बाधा बताया. उन्होंने बोला कि इस मसले पर काफी चर्चा हो चुकी है.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
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सीएम योगी ने की राज्य जनसंख्या नीति 2021-30 की घोषणा, बढ़ती जनसंख्या पर जताई  चिंता

सीएम के अनुसार नई नीति में समाज के सभी तबकों पर फोकस है और इससे सब के जीवन में खुशहाली होगी. सीएम ने जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का उद्घाटन करते हुए बोला कि बढ़ती जनसंख्या से गरीबी भी बढ़ रही है. सीएम के अनुसार अभी यूपी में प्रजनन दर 2.9 है जिसे 2.1 तक कम करना  है. सीएम ने राज्य में नई जनसंख्या नीति  लागू होने पर खुशी जताई.

इस ड्राफ्ट के अनुसार दो से  ज्यादा बच्चे वाले आदमी का राशन कार्ड चार सदस्यों तक सीमित होगा और उसे कोई सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी. कानून लागू होने के सालभर के भीतर सभी सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय निकाय चुनाव में चुने  जनप्रतिनिधियों को  शपथपत्र देना होगा कि वो ये नियम  नहीं तोड़ेंगे.

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शपथपत्र देने के बाद तीसरा बच्चा पैदा होने पर ड्राफ्ट में सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने और बर्खास्त करने तक की सिफारिश है लेकिन तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं है.

 फोटो सोशल मीडिया
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नई जनसंख्या नीति (वर्ष 2021-30)

  • परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत जारी गर्भ निरोधक उपायों की सुलभता बढ़ेगी.
  • सुरक्षित गर्भपात की समुचित व्यवस्था
  • उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं से नवजात व मातृ मृत्यु दर को कम करने और नपुंसकता/बांझपन की समस्या के सुलभ समाधान उपलब्ध कराते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयास
  • 11 से 19 वर्ष के किशोरों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन के अलावा, बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्था भी

दो या कम बच्चों वाले अभिभावको को ये होगा फायदा

  • दो बच्चों की पॉलिसी मानने वाले और स्वैच्छिक नसबंदी करवाने वाले अभिभावकों को खास सुविधाएं मिलेगी
  • इन्हें पूरी सेवा में दो एक्स्ट्रा सैलेरी इंक्रीमेंट, प्रमोशन, 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश, जीवनसाथी को बीमा कवरेज, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूटऔर राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत नियोक्ता (employer) अंशदान कोष में तीन प्रतिशत की वृद्धि की सुविधा मिलेगी।
  • जो सरकारी नौकरी नहीं कर रहे है, ड्राफ्ट में उन्हें पानी, बिजली, होम टैक्स, होम लोन जैसी कई सुविधाओ  का प्रस्ताव है
  • बच्चे के माता-पिता या कोई एक नसबंदी का विकल्प अपनाता है तो उन्हें  20 साल की आयु तक मुफ्त चिकित्सा, शिक्षा, बीमा व नौकरियों में वरीयता की तैयारी
  • एक संतान वाले दंपती को सरकारी नौकरी में चार इंक्रीमेंट भी. गरीबी रेखा के नीचे निवास करने वाले ऐसे दंपती को बेटे के लिए 80 हजार व बेटी के लिए एक लाख रुपये एक बार में मिलेंगे
  • दूसरी प्रेग्नेंसी में दो या अधिक बच्चे होने पर एक माना जाएगा
  • पहला, दूसरा या दोनों ही बच्चे नि:शक्त होने पर  तीसरी संतान होने पर भी मिलेंगी सुविधा
  • तीसरे बच्चे को गोद लेने की छूट
  • किसी बच्चे की असमय मौत पर तीसरा बच्चा कानूनी दायरे से बाहर
  • नसबंदी आपरेशन विफल होने पर भी तीसरा बच्चा कानूनी दायरे से बाहर
  • नसबंदी आपरेशन की नाकामी साबित होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा

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