July 29, 2021

एक जून से फ्री वैक्सीनेशन महाअभियान के लिए राज्य में ये है योजना 

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

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लखनऊ।  यूपी में कोरोना वैक्सीन को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचाने के लिए एक जून से फ्री  वैक्सीनेशन महाअभियान का प्लान  बन गया है. इसके तहत शहर से लेकर गांवों तक वैक्सीनेशन होगा जिसमे कम आबादी वाले हर जिले में कम से कम रोज एक हजार लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाएगी.

वही ज्यादा आबादी वाले बड़े जिलों में एक से दो अतिरिक्त कार्य स्थल पर कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (सीवीसी)  बनेंगे. वही विभिन्न सरकारी कार्यों में फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीनेशन की प्राथमिकता मिलेगी.  इस बारे में  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने फ्री  वैक्सीनेशन महाअभियान का शासनादेश जारी कर दिया.

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया
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इसके तहत वैक्सीनेशन के लिए सभी जिलों में 18 से 44 उम्र के लिए रोज चार कार्य स्थल पर सीवीसी का आयोजन होगा. इसमें इसमें जिले स्तर पर न्यायालय, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए और सरकारी कार्य स्थल के लिए दो सत्र स्थापित होंगे.

इसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व के सबसे बड़े  फ्री वैक्सीनेशन अभियान की गति तेज करने के लिए  कहा. उन्होंने बोला कि कोरोना  वैक्सीनेशन संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा कवर है और पूरे देश में सबसे अधिक राज्य में18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को वैक्सीन लगी है.

इसके लिए अधिक आबादी वाले बड़े जिलों में एक से दो अतिरिक्त कार्य स्थल पर सीवीसी  लगेंगे. वही आवश्यकतानुसार कार्य स्थल पर सीवीसी का स्थान बदलकर राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मी, परिवहन कर्मचारी, रेलवे और अन्य राजकीय कार्यालयों में भी वैक्सीनेशन होगा.

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वही एक सरकारी कार्य स्थल पर राजकीय और परिषदीय शिक्षकों को वरीयता मिलेगी और हर जिले में रोज दो अभिभावक स्पेशल सीवीसी स्थापित होंगे जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता का वैक्सीनेशन होगा.

वैक्सीनेशन से पहले सीएमओ को देनी होगी लिस्ट

सूचना विभाग या मीडिया कर्मियों के वैक्सीनेशन के बाद इसे सरकारी कर्मचारियों के कार्य स्थल में बदला जाएगा और फिर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों का वैक्सीनेशन होगा.

जिले स्तर पर रोजा लगने वाली वैक्सीन की लिस्ट न्यायालयों में जिला जज के कार्यालय से, मीडिया कर्मियों की सूची जिला सूचना अधिकारी से, शिक्षकों की सूची डीआईओएस या बीएसए से और अन्य सरकारी कर्मियों की सूची डीएम कार्यालय से  पहले ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी जाएगी और उसके अनुसार वैक्सीनेशन होगा.

इन सभी कार्य स्थल पर सीवीसी में 45 और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए भी स्लाट होंगे.  हर जिले में रोज दो अभिभावक स्पेशल सीवीसी लगेंगे.जिसमें 12 वर्ष से कम  उम्र के बच्चों के माता-पिता का वैक्सीनेशन होगा.

इसके लिए उन्हें पंजीकरण और वैक्सीनेशन के टाइम अपने बच्चे की उम्र 12 वर्ष से कम होने का प्रमाण (आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या कोई अन्य) पत्र देना होगा. दूसरी ओर ज्यादा आबादी वाले बड़े जिलों में एक अतिरिक्त अभिभावक स्पेशल सीवीसी लगेगा.

गांवों में  भी  वैक्सीनेशन पर फोकस

हर जिले में रोज तीन नगरीय क्षेत्रों में सीवीसी स्थापित होंगे. ज्यादा  आबादी वाले बड़े जिलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त नगरीय स्पेशल सीवीसी स्थापित होंगे. नगरीय क्षेत्र के पास वैक्सीनेशन के लिए हर जिले में रोज एक सीवीसी लगेगा. वही हर जिले में रोज ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दो सीवीसी स्थापित होंगे.


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