July 28, 2021

Tokyo Olympics : जापान के कोरोना जांच के इस फैसले से क्या हुई मुश्किल

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23 जुलाई से 8 अगस्त तक खेले जाने वाले ओलंपिक में दुनिया भर के खिलाड़ी खेलने वाले है और अपने देश का नाम रोशन करेंगे हालांकि ओलंपिक की मेजबानी 2020 में होनी थी लेकिन कोरोना की वजह से ये खेल 1 साल के लिए पोस्टपोन हुआ, ओलंपिक के आगाज में कुछ दिन ही बचे है.

जापान ने हर देश के खिलाड़ियों को हिस्सा लेने के लिए वहां पर अपनी अनुसार की लैब में परीक्षण कराने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं ओलंपिक आयोजन समिति ने भारतीय खिलाड़ियों को मुश्किल में डाला है ओलंपिक में भाग लेने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को 96 घंटे और 72 घंटे के अंदर की 2 आरटीसीपीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर पहुंचना है.

प्रॉब्लम ये है कि यह टेस्ट कहां कराना है और किस लैब में कराना है इसका फैसला टोक्यो ओलंपिक आयोजन समिति ने खुद लिया है और भारतीय ओलंपिक संघ को उसने 8 शहरों की 14 लैबों का जिक्र किया है कि इन लैबों से ही खिलाड़ियों की रिपोर्ट आनी चाहिए यदि इन शहरों से रिपोर्ट नहीं आती है तो वो खिलाड़ियों को ओलंपिक में भाग नहीं लेने देगा.

भारतीय खिलाड़ी उपरोक्त 8 शहरों में से सात शहरों में ओलंपिक की तैयारी नहीं कर रहे हैं. परिणाम स्वरूप उनको हजारों किलोमीटर दूर चल कर अपनी कोरोना की जांच करानी पड़ेगी जिससे खिलाड़ियों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा इसलिए खिलाड़ियों और खेल संघों ने आईओए से बोला है कि वो इस पर विचार करें.

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आईओए के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ी इस टाइम पटियाला पुणे लखनऊ त्रिवेंद्रम भोपाल और गुवाहाटी में अपनी तैयारियां कर रहे हैं प्लेयर्स और खेल संघों के कहने पर आईओए ने टोक्यो आयोजन समिति से मांग की कि जिन शहरों में भारतीय खिलाड़ी प्रैक्टिस कर कर रहे हैं.

वहाँ पर वो अपनी कोरोना की जाँच कराएं पूरे उत्तर भारत में दिल्ली में सिर्फ दो लैब है सबसे ज्यादा दिक्कत पटियाला में जो भारतीय खिलाड़ी तैयारियां कर रहे हैं.

उनको कुछ दिक्कत का सामना करना पड़ेगा क्योंकि पटियाला में एथलेटिक्स बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी अपनी मेहनत से भारत को पदक दिलाने के लिए कोशिश कर रहे हैं और उनको दिल्ली जाकर अपना टेस्ट कराना होगा जिससे भारतीय खिलाड़ी संक्रमित हो सकते हैं.

आईओए ने टोक्यो ओलंपिक समिति से कहा है कि भारतीय खिलाड़ी बायो बबल में रहकर अपनी तैयारियां कर रहे हैं और बायो बबल में ही उनको टोक्यो भेजे जाने का प्रावधान हुआ है अगर ये बायो बबल टूटता है तो खिलाड़ी संक्रमित हो सकते हैं और मुश्किल में पड़ सकते हैं.

हालांकि पूर्व में आईओए ने ये खेल और खेल संघों से कहा दिया था कि जो लिस्ट आयुष अमित ने उपलब्ध कराई है वहां पर ही खिलाड़ियों को टेस्ट कराना पड़ेगा लेकिन बाद में खिलाड़ियों और खेल संघों के दबाव में आकर आईओए ने आयोजन समिति के समक्ष ये मुद्दा उठाया.

टोक्यो आयोजन समिति ने भारत में कोरोना टेस्ट के लिए दिल्ली में एक पटना में एक चेन्नई में दो कोलकाता में दो भुनेश्वर में एक बंगलुरु में एक अहमदाबाद में एक और मुंबई में 5 लैबों को परमीशन दी है.


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