July 24, 2021

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड की सामाजिक दायित्व की अनूठी पहल – #NurtureNature

फाइल फोटो सोशल मीडिया

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एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (एचडीएफसी एमएफ) ने 31 मई से 4 जून, 2021 के बीच व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के लिए पंजीकरण करने वाले निवेशकों की ओर से सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े एक अभियान #NurtureNature की शुरुआत की है. एचडीएफसी एमएफ ने इस अभिनव सामाजिक उद्देश्य के लिए ग्रो-ट्रीज.कॉम का सहयोग लिया है, जो पेड़ लगाने के लिए समर्पित है.

एक व्यवस्थित निवेश योजना म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक शानदार तरीका है, जिसमें बाजार के उतार-चढ़ाव और प्रवेश के समय की चिंता किए बिना एक निश्चित राशि नियमित अंतराल पर अनुशासित तरीके से निवेश की जाती है. एसआईपी के साथ कोई भी निवेशक सेवानिवृत्ति, बच्चों की शिक्षा और धन सृजन आदि जैसे अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए एक कोष बनाने का लक्ष्य रख सकता है.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
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अभियान #NurtureNature के तहत एचडीएफसी एमएफ में कम से कम 3 साल की अवधि के लिए न्यूनतम 1000 रुपए की एसआईपी शुरू करने पर निवेशक की ओर से एक पौधा लगाया जाएगा. एसआईपी का रजिस्ट्रेशन सिर्फ डिजिटल/ऑनलाइन मोड में ही किया जा सकता है। इसमें इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम शामिल हैं (आर्बिट्रेज और इंडेक्स फंड को छोड़कर).

एसआईपी रजिस्ट्रेशन रेगुलर और डायरेक्ट प्लान दोनों में से किसी के लिए भी किया जा सकता है. पंजीकरण की तारीख से 3 महीने की अवधि के बाद, निवेशक की ओर से एक पेड़ लगाया जाएगा और निवेशक को एचडीएफसी एमएफ से एक ई-प्रमाण पत्र प्राप्त होगा.

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के एमडी और सीईओ नवनीत मुणोत ने कहा कि एसआईपी शुरू करने पर पेड़ लगाने की हमारी #NurtureNature पहल का उद्देश्य निवेशकों को एक हरे-भरे भविष्य में योगदान करने का अवसर उपलब्ध कराते हुए धन बनाने में उनकी मदद करना है.

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हम डिजिटल ऑन-बोर्डिंग को भी प्रोत्साहित करना चाहते हैं जो पर्यावरण का समर्थन करते हुए निवेशकों को सुविधा प्रदान करे.,  ग्रो-ट्रीज डॉट कॉम के सीईओ बिक्रांत तिवारी ने कहा कि देश में पेड़ लगाने के अभियान को बढ़ावा देने के सिलसिले में एचडीएफसी एमएफ के साथ जुड़कर हम खुशी का अनुभव कर रहे हैं.

यही वो समय है कि हम अपनी जिम्मेदारियों को समझें और प्रकृति को वापस दें, जो हमने उससे लिया है.  हमें उम्मीद है कि इस पहल से हम इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण योगदान कर पाएंगे.


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