July 29, 2021

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, शैक्षणिक सत्र 2021-22 में फीस वृद्धि पर रोक 

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा फाइल फोटो

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा फाइल फोटो

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लखनऊ:  कोरोना महामारी के चलते कई लोगो की आर्थिक हालात ख़राब और उन्हें अपने बच्चों की पढाई के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगो के सामने फीस बढ़ने का संकट खड़ा हो गया है.

इन हालात को देखते हुए यूपी सरकार ने राज्य में सभी बोर्डों के स्कूल में  शैक्षणिक सत्र 2021-22 में फीस वृद्धि पर रोक लगा दी है जो  योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से  अभिभावकों तथा छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत है.  इस बारे में  शासनादेश भी जारी हो गया है.

राज्य में सभी बोर्डों के स्कूलो के ऊपर लागू होगा फैसला

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा फाइल फोटो
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा फाइल फोटो

इस बारे में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि  स्कूल शैक्षणिक सत्र 2021-22 में पिछले  साल के फीस स्लैब की तरह फीस ले सकेंगे जो सत्र  2019-20 में लागू थी. यदि किसी  स्कूल ने बढ़ी हुई संरचना के अनुसार फीस  ली तो बढ़ी राशि का समायोजन आगे के महीनों की फीस में होगा.  यह आदेश राज्य में चल रहे सभी बोर्डों के सभी विद्यालयों पर लागू होगा.

स्कूल बंद होने के चलते कई अन्य मदों में भी फीस वसूली पर रोक

डॉ. शर्मा के अनुसार कोविड-19 के चलते कई परिवारों की आर्थिक  हालात ख़राब हुई है. स्कूल बंद हैं लेकिन  ऑनलाइन स्टडी चल रही है. इसके चलते ये फैसला हुआ है ताकि स्कूल में काम कर रहे  शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतन भी मिलता रहेगा.

उन्होंने कहा कि विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2021-22 में फीस वृद्धि नहीं  करेंगे. उन्होंने बोला कि स्कूल बंद रहने की अवधि परिवहन शुल्क पर भी रोक होगी. वही  किसी छात्र अथवा अभिभावक को तीन माह की एडवांस फीस देने में दिक्कत होगी तो  उससे मासिक फीस लेनी होगी और  एडवांस पेमेंट के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा.

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उप मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि विद्यालयों में भौतिक रूप से परीक्षा नहीं होगी तो परीक्षा फीस भी नहीं ली जा सकेगी. इसी के साथ क्रीड़ा, विज्ञान प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, कम्प्यूटर व वार्षिक समारोह जैसी गतिविधियां नहीं होने पर उसकी भी फीस नहीं ली जा सकेगी.

उन्होंने बताया कि सरकार ने ये भी फैसला लिया है कि कोरोना काल में अगर कोई छात्र अथवा छात्रा या उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना संक्रमित है और उन्हें फीस देने में दिक्कत है तो  संबंधित छात्र अथवा छात्रा के लिखित अनुरोध पर उस माह की फीस अग्रिम महीनों में मासिक किस्त के रूप में समायोजित होगी.

इसके साथ ये भी निर्देश दिया गया हैं कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन नियमित रूप से दिया जाए. यदि किसी विद्यालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं होता है  तो अभिभावक  जिले में गठित शुल्क नियामक समिति के समक्ष शिकायत कर सकेंगे. वैसे इस सब  नियमों के अनुपालन कराने की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को दी गई है.


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