July 25, 2021

कोरोना टीकाकरण के मामले में दिल्ली से आगे यूपी की जेल

प्रतीकात्मक चित्र सोशल मीडिया

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लखनऊ। यूपी की जेलों में टीकाकरण अभियान में बंदियों ने वैक्सीन की डोज लेकर खुद का बचाव किया है। कोरोनाकाल की पहली और दूसरी लहर में जहां यूपी की जेलों में बंदियों का बड़ी संख्या में टीकाकरण हुआ वहीं दिल्ली की जेलों में मात्र आठ बंदियों को अब तक टीका लगा है.

वही एक आंकलन के अनुसार  देश की सभी जेलों की कुल बन्दी जनसंख्या को देखे तो करीब 25 प्रतिशत बन्दी अकेले उप्र  की जेलों में मौजूदा समय में हैं और टीकाकरण के क्षेत्र में उप्र ने दिल्ली की जेलों को काफी पीछे छोड़ दिया है.

यूपी की 72 जेलों में 1,09,049 बन्दी में से 44 प्रतिशत को लगी वैक्सीन

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उप्र में जेल में बंद कुल 1,09,049 बन्दियों में से 47,255 (44 प्रतिशत) बन्दियों को टीके की पहली डोज व 15,064 (14 प्रतिशत) बन्दियों को दोनों डोज अब मिल चुकी हैं. जेलों में टीकाकरण की तुलना जेलों के बाहर टीकाकरण से की जाये तो भी उत्तर प्रदेश की जेलों में टीकाकरण की उपलब्धि काबिले तारीफ रही है.

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वैसे इस समय उत्तर प्रदेश की 72 जेलों में 1,09,049 बन्दी हैं और यूपी की बन्दी जनसंख्या का मात्र 18 प्रतिशत दिल्ली की जेलों में हैं. दिल्ली से प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यहाँ जेलों में 8 प्रतिशत बंदियों को टीके की दोनों डोज मिली हैं जबकि दिल्ली की 16 जेलों में  20,000 बन्दी हैं.

दिल्ली में 20,000 बंदी में से आठ को लगी वैक्सीन

राष्ट्रीय स्तर पर 17 प्रतिशत सामान्य जन को टीके की सिंगल डोज और 3.8 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों डोज दी गयी है. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में करोना कॉल में बेहद महत्वपूर्ण कार्य किये जिससे कोरोना का प्रभाव यूपी की जेलों में लगभग शून्य रहा है. यहां निरुद्ध बंदियों ने लगभग  24 लाख मास्क व 3513 पीपीई किट भी उस समय बनाये.

वही पीपीई किट और मास्क बाजार में उपलब्ध नहीं थे.जिला चिकित्सालय बलरामपुर लखनऊ,  टोरेंट पावर जैसे बड़े अस्पताल और सरकारी व  गैर सरकारी संस्थाओं को लगभग लागत दर पर उपलब्ध कराया गया.


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