July 28, 2021

कोरोना वायरस में चीन की रिवर्स इंजीनियरिंग के मिले सबूत, किसने नहीं माना 

फाइल फोटो सोशल मीडिया

फाइल फोटो सोशल मीडिया

Share This News

नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना वायरस के जन्म को लेकर काफी विवाद है. ज्यादातर देश इसे चीन की लैब में तैयार किया हुआ मानते है लेकिन चीन इससे इंकार करता रहता है. अब एक नयी स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस चीन चीन के वैज्ञानिकों ने वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी  की बायो सेफ्टी लेवल-4 (B.S.L 4) लैब में ही बनाया गया है.

ली मेल की खबर के अनुसार ये  स्टडी ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश और नॉवे के वैज्ञानिक डॉ. बिर्गर सोरेनसेन (Birger Sorensen) ने की है. उन्होंने पुख्ता सबूत के आधार पर ये सनसनीखेज दावा किया  है.

फाइल फोटो सोशल मीडिया
फाइल फोटो सोशल मीडिया

स्टडी के अनुसार चीनी वैज्ञानिकों ने वायरस बनाने में रिवर्स-इंजीनियरिंग का सहारा लिया है ताकि ये लगे कि चमगादड़ से विकसित हुआ है.  वैज्ञानिकों ने ये भी कहा  कि उनके पास पिछले एक साल से भी  ज्यादा टाइम से  चीन में वायरस पर रेट्रो-इंजीनियरिंग के सबूत हैं. लेकिन शिक्षाविदों और प्रमुख मैगजीन ने इसे नकार दिया.

स्टडी में  मिला ‘खास फिंगरप्रिंट’लैब में वायरस के साथ छेड़छाड़  के बाद बनना संभव

बताते चलें कि प्रोफेसर डल्गलिश लंदन में सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी में कैंसर विज्ञान के प्रोफेसर हैं. वहीं, डॉ सोरेनसेन एक वायरोलॉजिस्ट और इम्यूनोर नामक कंपनी के अध्यक्ष हैं, जो कोरोना की वैक्सीन बना रही है.इन दोनों के अनुसार जब वैक्सीन बनाने के लिए कोरोना के सैंपल्स की स्टडी हो रही थी तो वायरस में एक ‘खास फिंगरप्रिंट’मिला जो लैब में वायरस के साथ छेड़छाड़ करने के बाद ही बनाना संभव है.

तीन माह में पता लगाये, कैसे हुई कोरोना संक्रमण की शुरुआत : बाइडन

कोरोना की पारदर्शी जांच की मांग, अमेरिका ने चीन पर साधा निशाना

फाइल फोटो सोशल मीडिया
फाइल फोटो सोशल मीडिया

18 शीर्ष वैज्ञानिकों की रिपोर्ट-चीन ही है कोरोना वायरस का जन्मदाता

  स्टडी के अनुसार वुहान लैब में जानबूझकर डाटा को नष्ट  करने के साथ इसे छिपाया भी गया. वही जिन वैज्ञानिकों ने इसके खिलाफ  आवाज उठाई, उन्हें चीन ने या तो चुप करा दिया या फिर वो  गायब हो गए.

चीन पर विश्व के वैज्ञानिक समुदाय को धोखा देने का आरोप

दूसरी ओर स्काई न्यूज के एक शो में फ्लिंडर्स मेडिकल सेंटर में एंडोक्राइनोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर निकोलाई पेत्रोवस्क से ऑस्ट्रेलिया के होस्ट एंड्रयू बोल्ट ने बात की.  इसमें  प्रोफेसर पेत्रोवस्की ने ये तक कह दिया कि चीन ने विश्व के वैज्ञानिक समुदाय को धोखा दिया था. इसके बाद शो के होस्ट बोल्ट ने बोला दिया कि ऐसा लग रहा है कि यह वायरस शायद चीन की ही  लैब से बाहर निकला है.

 


Share This News