July 28, 2021

सीबीआई ने अरेस्ट किये ममता के दो मंत्रियों सहित 4 नेता, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने की पत्थरबाजी

फोटो सोशल मीडिया

फोटो सोशल मीडिया

Share This News

कोलकाता : बंगाल की राजनीति ने खासा भूचाल मचाने वाले नारदा स्टिंग केस में सोमवार को उस समय हलचल मच गयी जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में शामिल  दो मंत्रियों सहित चार नेताओं को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सीबीआई ऑफिस पहुंच गईं और मांग की कि मुझे भी गिरफ्तार कीजिए,

सीबीआई ने बंगाल सरकार में मंत्री फिरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी के साथ-साथ टीएमसी विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर सुवन चटर्जी को भी अरेस्ट कर लिया. सीबीआई की टीम इन सभी के घर गयी और और उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित ऑफिस लाकर अरेस्ट कर लिया.

फोटो सोशल मीडिया
फोटो सोशल मीडिया

वैसे सीबीआई को तब झटका लगा जब सात घंटे में ही न्यायमूर्ति अनुपम मुखर्जी की अगुवाई वाली विशेष सीबीआई कोर्ट ने चारों आरोपियों को जमानत दे दी. इस बारे में एक वेबसाइट के अनुसार एजेंसी के सूत्रों ने बोला कि ये नेता पूछताछ के बाद गिरफ्तार हुए है.

चारों आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत

सीबीआई ने यह एक्शन बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ की ओर से इन नेताओं के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी के बाद लिया है. इसके बाद टीएमसी ने सीबीआई की इस कार्रवाई को बदले के तहत उठाया गया कदम कहा है.

फिर सीएम ममता बनर्जी के साथ टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी और सांतनु सेन के साथ  सुवन चटर्जी की पत्नी भी एजेंसी के ऑफिस पहुंची और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मांग की कि मुझे भी गिरफ्तार कीजिए.

पश्चिम बंगाल में लगा मिनी लॉकडाउन, तीसरी बार ममता बनर्जी ने ली शपथ

इसके बाद गिरफ्तारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)  कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते हुए पत्थरबाजी भी की जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया. वही गिरफ़्तारी के बाद सीबीआई ऑफिस पहुंची सीबीआई ऑफिस से 6 घंटे बाद लौटीं.

वैसे  सुवन चटर्जी लंबे समय तक टीएमसी में थे और उन्होंने 2019 में भाजपा ज्वाइन की थी लेकिन भाजपा  द्वारा  पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर पार्टी  से अलग हो गए थे. इसके साथ मदन मित्रा हाल ही में हुए चुनावों में कमरहाटी विधानसभा सीट से जीते थे. वही टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हम इसकी निंदा करते हैं और यह बदला लेने जैसी सोच है.

कोवैक्सीन की डोज के निर्माण की गति होगी तेज, सरकार ने लिया ये फैसला 

इसके बाद बीजेपी ने कहा कि उसका इन गिरफ्तारियों में कोई रोल नहीं है.  पार्टी के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्जी ने कहा कि हमें कुछ नहीं कहना है. बताते चले कि फिर से 2016 से पहले उभरे नारदा स्कैम के मामले में एक स्टिंग ऑपरेशन में टीएमसी के कई सीनियर नेता एक फर्जी कंपनी की सहायत्ता के लिए कैश लेते मिले थे.


Share This News